टेलीकॉम सेक्टर के लिए अच्छी खबर! DPIIT ने 100% FDI के लिए जारी की अधिसूचना

 

ये Jagran की ऑफिशियल फाइल फोटो है|
सरकार ने मंगलवार को Telecom Sector में ऑटोमेटिक रूट के तहत 100 % FDI की अनुमति देने के अपने फैसले को अधिसूचित किया। एक प्रेस नोट में डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (DPIIT) ने कहा कि विदेशी निवेश 2020 के प्रेस नोट 3 की शर्त के अधीन होगा।

नई दिल्ली, टेक डेस्क| सरकार ने मंगलवार को टेलीकॉम सर्विस सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट के तहत 100 % FDI की अनुमति देने के अपने फैसले को अधिसूचित किया। एक प्रेस नोट में, डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (DPIIT) ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं में विदेशी निवेश 2020 के प्रेस नोट 3 (Press Note) की शर्त के अधीन होगा।

तदनुसार, प्रेस नोट 3 के प्रावधानों के तहत पूर्व सरकारी अनुमोदन की जरूरत वाले मामलों में बदलाव नहीं होगा। प्रेस नोट 3 के अनुसार, किसी देश की एक एनटीटी, जो भारत के साथ एक लेंड बॉर्डर शेयर करती है या जहां भारत में निवेश का बेनिफिशियल ओनर स्थित है या ऐसे किसी देश का नागरिक है, केवल सरकारी मार्ग के तहत निवेश कर सकता है।

केंद्र ने पहले दूरसंचार क्षेत्र के लिए अपने रिफॉर्म पैकेज के हिस्से के रूप में स्वचालित मार्ग के माध्यम से टेलीकॉम सेक्टर में 100% FDI की घोषणा की थी। सरकार ने कर्ज में डूबे टेलीकॉम सेक्टर को राहत दी, जिसमें AGR से संबंधित कंप्यूटिंग बकाया, बकाया राशि पर चार साल की मोहलत, और सरकार के लिए स्थगन अवधि समाप्त होने के बाद बकाया राशि को इक्विटी में बदलने का ऑप्शन शामिल है। अलावा, सराकार ने स्पेक्ट्रम यूजेज चार्जेस के पेमेंट पर इटरेस्ट और इंटरेस्ट ऑन पेमेंट को कम किया कर दिया था। ऐसे में अब मंथली नहीं, बल्कि एनुअल आधार पर इंटरेस्ट लगेगा। इस फैसले से टेलिकॉम सेक्टर से बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट आएगा।

साथ ही, टेलिकॉम सेक्टर में मोबाइल कनेक्शन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए फिजिकल फॉर्म को भरने के प्रोसेस को बंद कर दिया जाएगा। अब यूजर्स को डिजिटली तरीक से मोबाइल कनेक्शन लिया जाएगा। साथ ही टॉवर लगवाने के प्रक्रिया को भी आसाना बनाया जाएगा|एक प्रेस नोट में, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं में विदेशी निवेश 2020 के प्रेस नोट 3 की शर्त के अधीन होगा। तदनुसार, प्रेस नोट 3 के प्रावधानों के तहत पूर्व सरकारी अनुमोदन की जरूरत वाले मामलों में बदलाव नहीं होगा। प्रेस नोट 3 के अनुसार, किसी देश की एक इकाई, जो भारत के साथ एक भूमि सीमा साझा करती है या जहां भारत में निवेश का लाभकारी स्वामी स्थित है या ऐसे किसी देश का नागरिक है, केवल सरकारी मार्ग के तहत निवेश कर सकता है।