रिश्वत प्रकरण में फंसे IAS अधिकारी पवन ने पूछताछ में नहीं दिए सवालों के जवाब, मोबाइल का लॉक भी नहीं खोला

 


रिश्वत प्रकरण में फंसे IAS अधिकारी पवन ने पूछताछ में नहीं दिए सवालों के जवाब
राजस्थान कौशल विकास एवं आजीविका निगम (आरएसएलडीसी) के रिश्वत प्रकरण में फंसे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी नीरज के पवन से गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की। ब्यूरो की जांच में सामने आया कि पवन गाजियाबाद और दिल्ली में पैसों का निवेश करते हैं।

 संवाददाता, जयपुर!  राजस्थान कौशल विकास एवं आजीविका निगम (आरएसएलडीसी) के रिश्वत प्रकरण में फंसे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी नीरज के पवन से गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की। ब्यूरो की जांच में सामने आया कि पवन गाजियाबाद और दिल्ली में पैसों का निवेश करते हैं। जोधपुर के एक व्यापारी के साथ पवन के व्यावसायिक संबंध होने की बात सामने आई है। हालांकि ब्यूरो ने अधिकारिक रूप से इस बारे में जानकारी नहीं दी है।

ब्यूरो के अधिकारियों की टीम अगले एक-दो दिन में नोएडा और दिल्ली जाकर पवन के सम्पर्क वाले लोगों से पूछताछ कर सकती है। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण देने के लिए आरएसएलडीसी द्वारा तय की गई फर्मों को ब्लैक लिस्ट करने और उनका भुगतान रोकने के बदले रिश्वत लेने की बात ब्यूरो की जांच में सामने आई है। एक फर्म का नाम ब्लैक लिस्ट की सूची से हटाने और भुगतान रोकने के बदले पवन के साथ ही एक अन्य आईएएस अधिकारी प्रदीप गवड़े के लिए दो लोगों ने रिश्वत ली थी।इनकी बातचीत के ऑडियो ब्यूरो के अधिकारियों के पास पहुंचे तो पवन,गवड़े सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है । बृहस्पतिवार को ब्यूरो के अधिकारियों ने पवन से पूछताछ की। ब्लैक लिस्ट से हटाने और युवाओं को प्रशिक्षण देने वाली फर्मो का भुगतान करने और रोकने को लेकर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पवन ने अधिकांश सवालों का जवाब नहीं दिया ।

ब्यूरो द्वारा जब्त किए गए खुद के दोनों मोबाइल का लॉक खोलने से भी पवन ने इंकार कर दिया । ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक बी.एल.सोनी ने बताया कि पवन से पूछताछ की गई । उन्होंने सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। उन्हे फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा ।

यह है मामला

आरएसएलडीसी के मैनेजर राहुल गर्ग और कोर्डिनेटर अशोक सागवान को 5 लाख की रिश्वत लेते हुए पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था । उस समय आरएसएलडीसी के चेयरमैन पवन और महाप्रबंधक गवडे के मोबाइल जब्त किए गए थे। गर्ग और सागवान से की गई पूछताछ में सामने आया था कि पवन व गवडे रिश्वत नहीं देने वाली फर्माे को परेशान करते थे। एक व्यक्ति ने ब्यूरो में शिकायत की थी कि उसकी फर्म ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत काम किया था ।

इस कााम के बदले उसे 1.50 करोड़ रुपए का भुगतान मिलना था । उसने बिल भी दे दिया था, लेकिन पवन और गवडे के लिए गर्ग व सागवान ने 6 लाख की रिश्वत मांगी थी । बाद में 5 रुपए देने की बात तय हुई थी । उसकी फर्म को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया गया था । जांच में शिकायत सही मिलने पर ब्यूरो ने गर्ग व सागवान को गिरफ्तार कर लिया । पवन और गवडे के मोबाइल जब्त करने के साथ ही उनके दफ्तर सील कर दिए गए थे।