कौन हैं आर्यन खान के नए वकील मुकुल रोहतगी, गुजरात दंगों में SC में की थी पैरवी, कितनी लेते हैं फीस

 

शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी

मुकुल रोहतगी ने 2002 में हुए गुजरात दंगों में गुजरात सरकार का सुप्रीम कोर्ट में बचाव किया था। इसके अलावा फर्जी एनकाउंटर मेंं भी उन्‍होंने राज्‍य सरकार में पैरवी की थी। वह बेस्‍ट बेकरी केस जाहिरा शेख मामला योगेश गौड़ा हत्या मामले भी सुप्रीम कोर्ट में लड़ चुके हैं।

 नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। क्रूज ड्रग्‍स मामले में किंग खान शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान गिरफ्तारी के बाद बीते 24 दिनों से हिरासत में हैं। स्पेशल कोर्ट, लोअर कोर्ट और सेशन कोर्ट से आर्यन खान को जमानत नहीं मिलने बाद अब मंगलवार को दायर की गई याचिका पर अब हाई कोर्ट में सुनवाई हुई । इस मामले में अब बुधवार को भी सुनवाई होगी। दिलचस्‍प बात यह है कि दो दिग्‍गज वकील सतीश मानश‍िंदे और अमित देसाई अभी तक आर्यन खान को जमानत नहीं दिलवा पाए। ऐसे में अब हाई कोर्ट में पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी आर्यन खान की पैरवी करेंगे। जस्‍ट‍िस नितिन साम्‍ब्रे की कोर्ट में मुकुल रोहतगी के साथ वकील सतीश मानश‍िंदे और अमित देसाई भी मौजूद रहे।

मशहूर वकील मुकुल रोहतगी ने अपनी कानून की पढ़ाई मुंबई के गवर्नमेंट ला कालेज से की है। वहां से निकलने के बाद रोहतगी ने उस समय के मशहूर वकील योगेश कुमार सभरवाल का जूनियर बनकर प्रैक्‍ट‍िस शुरू की। ज्ञात हो कि योगेश कुमार सभरवाल 2005-2007 तक देश के 36वें मुख्य न्यायाधीश भी रहे थे। 1993 में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मुकुल रोहतगी को सीनियर काउंसिल का दर्जा दिया गया और उसके बाद 1999 में रोहतगी एडिशनल सालिसिटर जनरल बन गए।

गुजरात दंगा केस में सरकार का बचाव

मुकुल रोहतगी ने 2002 में हुए गुजरात दंगों में गुजरात सरकार का सुप्रीम कोर्ट में बचाव किया था। इसके अलावा फर्जी एनकाउंटर मामले में भी उन्‍होंने राज्‍य सरकार की अदालत में पैरवी की थी। इसके अलावा वह बेस्‍ट बेकरी केस, जाहिरा शेख मामला, योगेश गौड़ा हत्या मामले भी सुप्रीम कोर्ट में लड़ चुके हैं।

मुकुल रोहतगी रह चुके हैं देश के अटार्नी जनरल

मुकुल रोहतगी के पिता अवध बिहारी रोहतगी दिल्‍ली हाईकोर्ट के जज रह चुके थे। उनको 19 जून 2014 को देश का अटार्नी जनरल बनाया गया था। मुकुल 18 जून 2017 तक देश के 14वें अटार्नी जनरल के पद पर रहे। मुकुल रोहतगी देश के जाने माने वकील और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ हैं।

एक सुनवाई की फीस 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रोहतगी एक सुनवाई के लिए लगभग 10 लाख रुपए की फीस लेते हैं। हालांकि एक RTI में दिए जवाब में महाराष्‍ट्र सरकार ने बताया था कि उन्होंने सीनियर काउंसिल मुकुल रोहतगी को महाराष्ट्र सरकार की तरफ से जज बीएच लोया केस के लिए फीस के रूप में 1.21 करोड़ रुपए दिए थे। 

Popular posts
अयान मुखर्जी ने शेयर कीं 'ब्रह्मास्त्र' की शूटिंग की 5 तस्वीरें, तीसरी तस्वीर से लीक हुआ रणबीर कपूर के पौराणिक किरदार का लुक?
Image
दिल्ली में बर्बाद हो चुकी फसल के लिए किसानों को मुआवजा देगी केजरीवाल सरकार, भाजपा ने लिया क्रेडिट
Image
खुद को पानी और आग आग का मिश्रण मानती हैं ईशा सिंह, 'सिर्फ तुम' से डेढ़ साल बाद लौटीं टीवी पर
Image
आमना शरीफ ने ब्लैक ब्रालेट पहन बीच पर 'बोल्ड' अंदाज में किया पोज, तस्वीरें देख ट्रोलर्स ने कहा, 'आप कहां की शरीफ है'
Image
सिर्फ 9 लाख रुपये में ग्रेटर नोएडा में पाएं अपना घर, जानिये- कीमत, ड्रा और पजेशन के बारे में
Image