इस वर्ष दो माह में 10 कोल्ड-डे, 45 दिन रहेगा कोहरा

Weather News: इस वर्ष प‍िछले वर्ष की तुलना में अध‍िक ठंड पड़ेगी। - फाइल फोटो
 इस बार दिसंबर से जनवरी तक औसत से दोगुना हो सकते हैं कोल्ड डे और कोहरे वाले दिन। औसत रूप से ठंड के सीजन में 4-5 दिन कोल्ड-डे व 22 दिन कोहरा पड़ने की रहती है संभावना।

गोरखपुर। इस बार ठंडक के सीजन में (दिसंबर से फरवरी तक) 10 कोल्ड-डे व 45 दिन कोहरा पड़ने की आशंका है। औसत रूप से ठंड के सीजन में 4-5 दिन कोल्ड-डे व 22 दिन कोहरे की आशंका रहती है, लेकिन इस बार कोल्ड-डे व कोहरा दोनों अपने औसत से दो गुना रह सकता है। ठंड का यह मौसम रोमांचक तो होगा, लेकिन बुजुर्ग, बच्चे व सांस के रोगियों को इसमें थोड़ी अधिक सावधानी अपनानी होगी। 

ठंड के सीजन में औसत रूप से 22 दिन तक पड़ता है कोहरा

मौसम विशेषज्ञ कैलाश पाण्डेय मौसम की ज्यामितीय गणना के आधार पर पूर्वानुमान जताया है कि इस बार औसत से अधिक ठंड रहेगी। उन्होंने कहा कि समुद्र के मध्य तल का सतही तापमान अपने औसत से नीचे मध्य और पूर्वी पैसीफिक ओसीन पर चल रहा है। मध्यम ला-नीना कंडीशन इक्युशनल पैसिफिक पर चल है। आगामी दिसंबर से फरवरी तक 82 से 85 प्रतिशत ला-नीना कंडीशन रहने की संभावना है। इसके चलते इस बार औसत से अधिक कोल्ड-डे व औसत से अधिक कोहरा पड़ सकता है।

औसत से कम रहेगा तापमान

विभिन्न गणितीय माडलों के आधार पर मौसम विशेषज्ञ ने यह भी पूर्वानुमान जताया है कि इस वर्ष ठंड का औसत अधिकतम तापमान अपने औसत(24.5 डिग्री सेल्सियस) से करीब एक डिग्री सेल्सियस कम रह सकता है और औसत न्यूनतम तापमान अपने औसत(10.35 डिग्री सेल्सियस) से 0.5 से 0.75 डिग्री सेल्सियस नीचे रह सकता है।

जानिए क्या है कोल्ड डे

जब किसी स्थान का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहे और दिन का तापमान अपने अधिकतम तापमान अपने औसत से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाए तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। पिछले 20 वर्षों में सर्वाधिक 2003 में 20 कोल्ड डे हुआ था।

जानिए क्या है कोहरा

जब सतही दृश्यता एक किलोमीटर से कम रहती है और वातावरण में नमी 75 प्रतिशत से ज्यादा रहता है तो उसे कोहरा कहा जाता है।

कुहरे का प्रकार

घना कोहरा- इसमें दृश्यता 200 मीटर से कम रहती है

मध्यम कोहरा- इसमें दृश्यता 201 से 500 मीटर के बीच रहती है।हल्का कोहरा- इसमें एक किलोमीटर से दूर की चीजें धुधली दिखती हैं।

जानिए क्या है ला-नीना कंडीशन

पूर्वी व पश्चिमी प्रशांत महासागर के माध्य तल का तापमान यदि अपने औसत से 0.5 कम रहता है तो उसे ला-नीना कंडीशन कहते हैं। यह कंडीशन भारतीय वायुमंडल पर फर्क डालता है। बारिश के सीजन में ला-नीना कंडीशन रहने पर बारिश अच्छी होती है और ठंड के समय में ला-नीना कंडीशन रहने पर ठंड अधिक पड़ती है।