कोरोना जांच में कमी पर केंद्र सरकार ने 13 राज्यों को किया आगाह, संक्रमण दर में वृद्धि पर जताई चिंता

 

केंद्र सरकार ने राज्यों को आगाह किया है।
कोरोना जांच की कम होती संख्या को लेकर चिंतित केंद्र सरकार ने राज्यों को आगाह किया है। 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने जांच खासकर आरटी-पीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है।

नई दिल्ली। कोरोना जांच की कम होती संख्या को लेकर चिंतित केंद्र सरकार ने राज्यों को आगाह किया है। 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने जांच खासकर आरटी-पीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। भूषण के अनुसार, टेस्ट नहीं होने से कोरोना संक्रमण के असली खतरे का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाएगा। भूषण ने जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है कि उनमें पंजाब, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, राजस्थान, लद्दाख, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, सिक्किम और नगालैंड शामिल हैं। 

टेस्‍ट में कमी से कोरोना संक्रमण के बढ़ने की सही तस्वीर सामने नहीं आ पाएगी

भूषण ने इन राज्यों को शादियों और त्योहारों के दौरान लोगों की बढ़ती आवाजाही का हवाला देते हुए कहा कि पर्याप्त संख्या में टेस्ट नहीं होने से कोरोना संक्रमण के बढ़ने की सही तस्वीर सामने नहीं आ पाएगी। इसके चलते बाद में हालात बेहद खतरनाक हो सकते हैं। उनके अनुसार टेस्ट होने से कोरोना संक्रमण को स्थानीय स्तर पर नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन राज्यों को पत्र लिखा गया है, उनमें कुछ जिलों में कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जैसे केरल में जांच की संख्या मई की तुलना में 20 प्रतिशत से कम रह गई है, लेकिन संक्रमण की दर 9.7 प्रतिशत तक बनी हुई है।

सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्‍या बढ़ी

भूषण ने अपने पत्र में देश में सर्दी के मौसम की शुरुआत और इस दौरान सर्दी-जुकाम के मरीजों की बढ़ी संख्या का हवाला देते हुए कहा कि इन सब पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे मरीजों का नियमित रूप से कोरोना जांच सुनिश्चित करने को भी कहा है। सर्दी-जुकाम कोरोना संक्रमितों का भी सामान्य लक्षण है। आरटी-पीसीआर जांच के अनुपात पर चिंता जताई केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने उपरोक्त राज्यों में जांच में आरटी-पीसीआर के अनुपात पर भी चिंता जताई।

जरा भी लापरवाही अब तक की उपलब्धियों पर फेर सकता है पानी

उन्होंने राज्यों को जांच में 70 प्रतिशत आरटी-पीसीआर को रखने के पुराने निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की भी सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जरा भी लापरवाही अब तक की उपलब्धियों पर पानी फेर सकता है। इसके लिए उन्होंने अमेरिका और यूरोप के देशों का उदाहरण भी दिया है जहां बड़ी संख्या में टीकाकरण के बावजूद कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रह रहे हैं। साथ ही राज्यों को लगातार सतर्क रहने और कोरोना प्रबंधन के नियमों के कड़ाई से पालन जारी रखने को कहा।