ब्राजील में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को मिलेगा कोविड-19 का बूस्टर डोज

 

ब्राजील में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को मिलेगा कोविड -19 का बूस्टर डोज
ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्री मार्सेलो क्विरोगा ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी ब्राजीलियाई लोगों को कोविड-19 के खिलाफ बूस्टर शॉट दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 1.24 करोड़ से अधिक ब्राजीलियाई बूस्टर शॉट दिए जाने योग्य हैं।

ब्रासीलिया, आइएएनएस। ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्री मार्सेलो क्विरोगा ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी ब्राजीलियाई लोगों को कोविड-19 के खिलाफ बूस्टर शॉट दिया जाएगा। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोगों को ही बूस्टर शॉट दिया जाएगा जो पांच महीने पहले covid-19 की दूसरी खुराक प्राप्त कर चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 1.24 करोड़ से अधिक ब्राजीलियाई बूस्टर शॉट दिए जाने योग्य हैं। आपको बता दें की घोषणा से पहले केवल 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग, कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ही बूस्टर डोज मिलने वाला था।इस बीच देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार तक के कोविड-19 के मामले पेश किए। मंत्रालय ने बताया कि देश में महामारी की शुरुआत के बाद से कुल 2 करोड़, 19 लाख, 65 हजार, 684 (21965684) कोविड-19 के मामले आए हैं और 6 लाख, 11 हजार, 478 (611478) मौतों की पुष्टि की गई है।

जापान में भी अगले महीने बूस्टर डोज देने की तैयारी

विश्व भर में कोरोना वायरस से जंग लड़ी जा रही है जिसके तहत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यही कारण है की कई देश कोरोना वायरस के खिलाफ बूस्टर शॉट देने की शुरुआत कर चुके हैं। जिसमें जापान अगले महीने यानी एक दिसंबर से लोगों को बूस्टर डोज देने की शुरुआत करेगा। आपको बता दें की स्वास्थ्य मंत्रालय के एक पैनल ने सोमवार को देश में एक दिसंबर से कोविड-19 टीकाकरण के बूस्टर शाट्स के लिए मंजूरी दे दी है, जिसमें शुरुआत में सिर्फ फाइजर-बायोएनटेक COVID-19 वैक्सीन की ही बूस्टर डोज दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के पैनल में कहा गया है कि दूसरी खुराक ले चुके लोगों को आठ महीने बाद बूस्टर डोज दिया जाएगा।दुनियाभर के 36 देशों में कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है। जिसकी सबसे पहले शुरुआत जर्मनी, आस्ट्रेलिया, कनाडा और फ्रांस में की गई थी।