अमेरिका में भी लगेगी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मांगी गई इजाजत

 

Ocugen की साझेदार भारत बायोटेक द्वारा Covaxin को भारत में विकसित किया गया है।
कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन बनाने वाली भारत बायोटेक की कोवैक्सीन अमेरिका में 2 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चों को लग सकती है। इसके लिए भारत बायोटेक की सहयोगी ओक्यूजेन इंक ने कनाडा और अमेरिकी प्राधिकरण के आधिकारियों से इजाजत मांगी है।

नई दिल्ली, एएनआइ। अमेरिका में 18 साल से कम उम्र के बच्चों जल्द ही भारत बायोटेक की कोवैक्सीन(COVAXIN) लग सकती है। इसके लिए वहां इजाजत मांगी गई है। अमेरिकी फार्मा कंपनी ओक्यूजेन (Ocugen) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने 2 से 18 साल की उम्र के बच्चों के लिए भारत द्वारा निर्मित कोविड -19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) कोवैक्सिन (COVAXIN) के आपातकालीन उपयोग के लिए अमेरिकी प्राधिकरण के अधिकारियों से अनुमति मांगी है। ये वैक्सीन भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने विकसित की है।

ओक्यूजेन(Ocugen) के साझेदार भारत बायोटेक द्वारा Covaxin को भारत में विकसित किया गया है। इस वैक्सीन को बुधवार को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से आपातकालीन स्वीकृति मिली है।दुनिया के 17 देशों में पहले ही इसे उपयोग की मंजूरी मिल चुकी है। अमेरिका से बाहर के वयस्कों को विशेष रूप से भारत में, इस वैक्सीन की लाखों खुराकें दी जा चुकी हैं।

कोरोना रोधी टीके कोवैक्सीन के लिए अमेरिका और कनाडा में भारत बायोटेक की सहयोगी ओक्यूजेन इंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने बच्चों के लिए टीके के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) के पास आवेदन दिया है। ओक्यूजेन ने दोनों देशों से कहा है कि उसका आवेदन भारत बायोटेक द्वारा दो साल से 18 साल के 526 बच्चों-किशोरों पर भारत में दूसरे-तीसरे चरण के ‘क्लीनिकल ट्रायल’ के नतीजे पर आधारित है।

लोगों को मिलेगा विकल्प

टीके के असर को जानने के लिए भारत में करीब 25,800 वयस्कों पर किए गए तीसरे चरण के नतीजे का भी उल्लेख किया गया है। ओक्यूजेन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सह-संस्थापक तथा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर मुसुनूरी ने कहा कि बाल चिकित्सा उपयोग को लेकर अमेरिका में टीके का आपातकालीन उपयोग इस्तेमाल के लिए आवेदन देना टीके को उपलब्ध कराने और कोविड-19 महामारी से निपटने में मदद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन से यह विचार सामने आया है कि लोग खुद के लिए और खासकर अपने बच्चों के लिए टीका के चयन में और विकल्प चाहते हैं। नए किस्म के टीका के उपलब्ध होने से लोग डॉक्टरों से परामर्श कर अपने बच्चों के लिए बेहतर फैसला कर पाएंगे। हाल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोवैक्सीन के आपाकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी।