2021 का आखिरी चंद्रग्रहण 19 को, जानिए सूतक का समय और ग्रहण का असर

 

19 नवंबर को सदी का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।
 यह चंद्र ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण 19 नवंबर को प्रातः 1134 मिनट से आरंभ होगा और इसका समापन सायं 0533 मिनट पर होगा।

आगरा, संवाददाता। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानि 19 नवंबर को सदी का सबसे बड़ा  चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ शाेनू मेहरोत्रा के अनुसार देव दीपावली के दिन लगने जा रहा चंद्रग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा। यह चंद्र ग्रहण काफी देर तक रहेगा। जहां वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण एक खगोलीय घटना है, वहीं धार्मिक दृष्टिकोण में भी इसके अपने प्रभाव हैं। धार्मिक रूप से देखा जाए तो ग्रहण को ज्यादातर अशुभ फल देने वाला माना जाता है और इसी कारणवश ग्रहण के दौरान और सूतक काल लगने पर कई कार्यों को करने की मनाही होती है।  

चंद्र ग्रहण का समय

यह चंद्र ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण 19 नवंबर को प्रातः 11:34 मिनट से आरंभ होगा और इसका समापन सायं 05:33 मिनट पर होगा।

ग्रहणकाल की कुल अवधि- लगभग 05 घंटे 59 मिनट तक।

किस राशि में लग रहा है ग्रहण

चंद्र ग्रहण वृषभ राशि में लग रहा है। चूंकि इस समय वृषभ राशि में राहु का गोचर हो रखा है, इसलिए सदी के सबसे बड़े चंद्र ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव वृषभ राशि पर दिखाई देगा।

सूतक काल

चंद्र ग्रहण को आंशिक ग्रहण माना जा रहा है, इसलिए के दौरान सूतक नियमों का पालन नहीं किया जाएगा। सूतक काल पूर्ण ग्रहण की स्थिति में ही प्रभावी माना जाता है।

भारत और विदेशों में कहां-कहां दिखाई देगा

यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सो में दिखाई देगा। वहीं विदेशों में अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई पड़ेगा।

इस साल कब− कब लगे चंद्र ग्रहण

साल 2021 में दो चंद्र ग्रहण का योग बना था। पहला चंद्र ग्रहण 26 मे 2021 में लगा था और 19 नवंबर को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसके बाद 16 मई 2022 को अगला चंद्र ग्रहण लगेगा।