राकेश टिकैत ने किया ऐलान, 29 नवंबर को ट्रैक्टर से करेंगे संसद कूच, जानिए और क्या कहा

 

29 नवंबर को फिर से दिल्ली की सड़कों से होते हुए संसद तक जाएंगे किसान।
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार षडयंत्रकारी है वो आपको किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचा सकती है। वो किसी न किसी तरह से मामले में किसानों को फंसाएंगे फिर उनको बदनाम करेंगे। पहले किसानों को खालिस्तानी फिर पाकिस्तानी बताया

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार षडयंत्रकारी है, वो आपको किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचा सकती है। वो किसी न किसी तरह से मामले में किसानों को फंसाएंगे फिर उनको बदनाम करेंगे। पहले किसानों को खालिस्तानी, फिर पाकिस्तानी बताया, उसके बाद आंदोलन में चाइना से फंडिंग होना बताया, इसके अलावा वो हमें मवाली बताते है। राकेश टिकैत ने शुक्रवार को फिर यूपी गेट पर धरना प्रदर्शन में शामिल किसानों को संबोधित किया। इससे पहले भी उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां किसानों को संबोधित किया था और चौकियां बनाकर निगरानी बढ़ाने की बात कही थी।

उन्होंने कहा कि 26 नवंबर के बाद यहां पूरी लिखत पढ़त की जाएगी, जो किसान धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए वो अपना इंतजाम खुद करें, अपने कंबल कपड़े लेकर आओ, अपने टेंट की व्यवस्था खुद करो। यहां फेसबुक, ट्विटर, koo चलाने वाले हर जिले से दो या तीन बच्चों की आवश्यकता है, वो यहां आकर इसकी कमान संभालें। उन्होंने कहा कि किसान ट्रैक्टर से मजबूत है, मगर हम इंटरनेट मीडिया पर एक्टिव नहीं है, उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमें फेसबुक और ट्विटर से मजबूत होना होगा। वो भी बैठे-बैठे हथियार चलता है, हम उसमें कमजोर है। हमें अपना प्रचार तंत्र मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार पर कैमरा और कलम पर बंदूक का पहरा है। ऐसी ही किसानी पर पहरा है, मीडिया हाउसों पर पहरा है। संस्थाएं कब्जे में है। कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। आपको खुद ही लड़ना पड़ेगा वरना जमीन नहीं बचेगी।

जब निजी कंपनियां आ जाएंगी तो वो 200 हार्स पावर से लेकर 700 हार्स पावर तक के ट्रैक्टर से काम करेंगे, खेती करेंगे। दूध का कारोबार करेंगे, बीज पर उनका अधिकार होगा। अभी राशन फ्री मिल रहा है, अगले साल अप्रैल में इलेक्शन हो जाएगा फिर सब बंद हो जाएगा। आने वाले समय में अनाज गोदाम में जाएगा और रोटी तिजोरी में रखी जाएगी। आंदोलन करना पड़ेगा यदि नहीं करना है तो वो लोग सरकार में शामिल हो जाए।

उन्होंने कहा कि यूपी गेट पर चल रहे आंदोलन में अब लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारी निभानी होगी। यहां लोगों की डयूटियां चाहिएं, पानी, दूध, लंगर, भंडारे की जिम्मेदारी तय करनी होगी। मान लीजिए यहां कोई चोर आ जाएं तो उनसे कौन निपटेगा। इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। कल कोई वारदात करके चला जाए तो क्या करेंगे। चोर आ जाएं, अवैध हथियार रख जाएं इससे बचने के लिए निगरानी रखने की जरूरत है। इसी के साथ ये भी तय होना चाहिए कि कौन आदमी मोर्चा पर आया उसकी जानकारी होनी चाहिए। संदिग्ध है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें।उन्होंने कहा कि बीते एक साल से आंदोलन चल रहा है, इसलिए जैसे हम लोग अपने खेत की रखवाली करते हो वैसे ही इस आंदोलन की भी रखवाली करनी होगी वरना किसी दिन कुछ भी हो सकता है।

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