दिल्ली दंगा: 361 मामलों में दाखिल हुए आरोपपत्र, 67 में आरोप तय

 


दंगे के दौरान नेताओं द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण से जुड़ी याचिकाओं पर अदालत सुनवाई कर रही है।
फरवरी 2020 में हुए दंगे के दौरान नेताओं द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण से जुड़ी याचिकाओं पर अदालत सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि सभी लंबित मामलों में कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

नई दिल्ली। दिल्ली दंगे के संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित कर बताया गया कि चार अक्टूबर तक 758 मामलों में से 361 में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। 67 मामलों में आरोपितों पर आरोप तय किए जा चुके हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से दी गई इस जानकारी पर मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि निचली अदालतों में लंबित मामलों का विवरण देते हुए एक और विस्तृत हलफनामा दाखिल करें।

लंबित मामलों में तेजी से चल रही कानूनी प्रकिया

फरवरी 2020 में हुए दंगे के दौरान नेताओं द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण से जुड़ी याचिकाओं पर अदालत सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि सभी लंबित मामलों में कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। दो मामलों में आरोपितों को आरोप मुक्त कर दिया गया है और एक को बरी किया गया है। दर्ज किए गए 758 मामलों में से उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस 695 मामलों की जांच कर रही है।

एक मामले की जांच स्पेशल सेल कर रही

हत्या आदि जैसी प्रमुख घटनाओं से संबंधित 62 मामलों को अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया था। तीन मामलों की जांच के लिए समर्पित विशेष जांच टीम (एसआइटी) गठित की गई थी और इन मामलों की जांच की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। दंगे की साजिश के पीछे एक मामले की जांच स्पेशल सेल कर रही है।

भड़काऊ भाषणों को लेकर याचिका पर सुनवाई

दंगे के दौरान भड़काऊ भाषण को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ ही आप नेता मनीष सिसोदिया, अमानतुल्ला खान और एआइएमआइएम विधायक वारिस पठान के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता अजय गौतम ने एनआइए से जांच करा राष्ट्र विरोधी ताकतों का पता लगाने की मांग की है।