अफगानिस्तान के फैजाबाद में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 4.1 रही तीव्रता

 

अफगानिस्तान के फैजाबाद में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 4.1 रही तीव्रता
अफगानिस्तान में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार फैजाबाद के पास भूकंर आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 तीव्रता मापी गई है। शहर से 135 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में 10 किलोमीटर की गहराई के साथ यह भूकंप आया।

काबुल, एएनआइ।  अफगानिस्तान में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, फैजाबाद के पास भूकंर आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 तीव्रता मापी गई है। शहर से 135 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में 10 किलोमीटर की गहराई के साथ यह भूकंप आया। राहत की बात यह रही है कि इस भूकंप के झटके में किसी भी प्रकार के कोई नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।

दुनियाभर में प्रत्येक वर्ष भूकंप के हजारों छोटे-बड़े झटके महसूस किए जाते हैं। कई देशों में बड़े भूकंप के कारण हजारों लोगों की जानें भी जा चुकी है। दुनियाभर के कई इलाकों में जब तेज भूकंप आता है तो बड़े पैमाने पर नुकसान भी होता है। आइए जाने क्यों आता है विनाशकारी भूकंप

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के परिणाम स्वरूप भूकंप आता है। यह ऊर्जा पृथ्वी की सतह पर, भूकंपी तरंगें उत्पन्न करती है, जो भूमि को हिलाकर या विस्थापित कर के प्रकट होती है।

भूकंप के कारण

भूकंप प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से हो सकता है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यत: गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन, और नाभिकीय परिक्षण ऐसे मुख्य दोष हैं।

कैसे मापा जाता है भूकंप?

भूकंप का रिकार्ड एक सीस्मोमीटर के साथ रखा जाता है, जो सीस्मोग्राफ भी कहलाता है। भूकंप का क्षण परिमाण पारंपरिक रूप से मापा जाता है या संबंधित और अप्रचलित रिक्टर परिमाण लिया जाता है। 3 या कम परिमाण की रिक्टर तीव्रता का भूकंप अक्सर इम्परसेप्टीबल होता है और 7 रिक्टर की तीव्रता का भूकंप बड़े क्षेत्रों में गंभीर क्षति का कारण होता है। झटकों की तीव्रता का मापन विकसित मरकैली पैमाने पर किया जाता है।

भूकंप से जान, माल की हानि, मूलभूत आवश्यकताओं की कमी, रोग आदि होता है। इमारतों व बांध, पुल, नाभिकीय ऊर्जा केंद्र को नुकसान पहुंचता है। भूस्खलन व हिम स्खलन होता है जो पहाड़ी व पर्वतीय इलाकों में क्षति का कारण हो सकता है। विद्युत लाइन के टूट जाने से आग लग सकती है।