दिल्ली के अमन विहार में ठगों ने बैंककर्मी बनकर खाते से उड़ाए 4.70 लाख, आरोपित गिरफ्तार

 

पीड़ित के खाते से अप्रैल में चार लाख 70 हजार रुपये निकाल कर दूसरे खाते में भेजे गए थे।
अमन विहार थाना क्षेत्र में एक महिला के बैंक खाते से कुछ ठगों ने झारखंड में बैठकर सेंध लगा दी और चार लाख 70 हजार रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। हालांकि तीसरा अभी भी फरार है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। अमन विहार थाना क्षेत्र में एक महिला के बैंक खाते से कुछ ठगों ने झारखंड में बैठकर सेंध लगा दी और चार लाख 70 हजार रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। हालांकि तीसरा अभी भी फरार है। अमन विहार थाना पुलिस की साइबर सेल टीम ने मुख्य आरोपित झारखंड के देवघर जिले के परोजो गांव के अमीन खान उर्फ शमशेर धोबी को 21 नवंबर को जामतारा से गिरफ्तार किया है। वह अनपढ़ है, जबकि उसका साथी अभी भी फरार है।

जानकारी के अनुसार पीड़ित के खाते से अप्रैल में चार लाख 70 हजार रुपये निकाल कर दूसरे खाते में भेजे गए थे। उस खाते से पेटीएम की मदद से दो अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजे गए थे। दोनों खाते पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के खिदिरपुर के कवि मोहम्मद इकबाल रोड के मोहम्मद शुजाउद्दीन खान के हैं। इसके बाद एक जुलाई को मोहम्मद शुजाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने लोगों को आनलाइन ठगने के रैकेट में शामिल अपने दो साथियों अमीन खान उर्फ शमशेर धोबी और अख्तर हुसैन के नाम का खुलासा किया।

इसके बाद आरोपितों के गांव में पुलिस ने छापे मारे लेकिन वह फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। पुलिस को पता चला कि आरोपित अमीन खान जामतारा में छिपा हुआ है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर साढ़े तीन लाख रुपये बरामद कर लिए। आरोपित पहले गूगल पर एक फर्जी मोबाइल नंबर को बैंक के कस्टमर केयर नंबर के रूप में दर्ज करवाते थे और फिर जो भी ग्राहक उन्हें अपनी समस्या को लेकर फोन करते थे तो उसके फोन पर एक लिंक भेजते।

शिकायतकर्ता जैसे ही लिंक पर सारी जानकारी भरते और उसे ओके करते उनके बैंक खाते से पैसे कट जाते थे। अमन विहार के रहने वाले शिकायतकर्ता एटीएम मशीन से पैसे निकाले गए तो उसके बैंक खाते से 2000 रुपये तो कट गए लेकिन रुपये नहीं निकले। गूगल पर पीएनबी कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर जब शिकायत की गई तो शमशेर धोबी ने पीड़ित के मोबाइल पर लिंक भेजा और बैंक से चार लाख 70 हजार रुपये निकल गए।