भारत का अनोखा रेलवे स्टेशन! दो राज्यों में बंटा हुआ है प्लेटफार्म और 4 भाषाओं में यात्रियों को मिलती है सूचना

 

भारत में एक रेलवे स्टेशन ऐसा है, जिसका आधा हिस्सा गुजरात में आता है और दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में।
भारत में एक रेलवे स्टेशन ऐसा है जिसका आधा हिस्सा गुजरात में आता है और दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में। सबसे खास बात यह है कि इस रेलवे स्टेशन पर एक कुर्सी भी रखी है जिसका एक हिस्सा गुजरात में है और दूसरा महाराष्ट्र में।

नई दिल्ली, एजेंसी। अब तक आपने कई तरह के सीमा विवाद सुने होंगे। कई बार सोशल मीडिया पर दो देश की बॉर्डर के आपस में जुड़े होने की तस्वीरें शेयर की जाती हैं। ऐसा ही कुछ भारत के एक रेलवे स्टेशन (Railway Station) के साथ भी है। भारत में एक रेलवे स्टेशन ऐसा है, जिसका आधा हिस्सा गुजरात में आता है और दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में।

अब आप यह जरूर सोच रहे होंगे कि आखिर यह कैसे संभव है। सबसे खास बात यह है कि इस रेलवे स्टेशन पर एक कुर्सी भी रखी है, जिसका एक हिस्सा गुजरात में है और दूसरा महाराष्ट्र में। यह सुनने में बड़ा ही अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह सच है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर यहां काम कैसे होता है और किस राज्य के नियमों का पालन किया जाता है। आइए जानते हैं इस अनोखे रेलवे स्टेशन के बारे में...

बंटवारे के पहले से बना है स्टेशन

आपको बता दें कि यह रेलवे स्टेशन सूरत-भुसावल लाइन पर है, जो दो राज्यों में बंटा हुआ है। आधा स्टेशन महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में आता है और आधा गुजरात के तापी जिले में। दरअसल गुजरात और महाराष्ट्र के बंटवारे से पहले ही यह स्टेशन बन चुका था और बंटवारे के बाद भी इस स्टेशन में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिसका नतीजा यह हुआ कि अब यह दोनों राज्यों में आता है।

किस तरह से बंटा हुआ है?

आपको बता दें कि यह रेलवे स्टेशन बेहद खास तरीके से बंटा हुआ है। इसमें प्लेटफार्म पर जहां ट्रेन खड़ी होती है, वह गुजरात के क्षेत्र में है। दूसरी तरफ, यहां का क्लर्कियल काम महाराष्ट्र के क्षेत्र में होता है। साफ शब्दों में कहें, तो रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म वाला हिस्सा गुजरात में है और ऑफिस का हिस्सा महाराष्ट्र के क्षेत्र में है। वैसे नवापुर रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र के हिस्से में आता है।

चार भाषाओं में दी जाती है सूचना

दो राज्यों में बंटे इस अनोखे नवापुर रेलवे स्टेशन पर चार अलग-अलग भाषाओं में रेल यात्रियों को सूचना दी जाती है। यहाँ हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाओं में अनाउंसमेंट होता है। ऐसे में यह रेलवे स्टेशन वाकई खास है। हो भी क्यों न, जिस रेलवे स्टेशन पर आपको महाराष्ट्र से टिकट लेनी होती है और ट्रेन पकड़ने के लिए गुजरात जाना पड़ता है।