रूस के कामचटका में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 5.2 रही तीव्रता

 

रूस के कामचटका में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 5.2 रही तीव्रता
रुस के कामचटका प्रायद्वीप के पास 5.2 तीव्रता के साथ भूंकप के झटके महसूस किए गए। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज (GS RAS) के भूगर्भीय सर्वेक्षण की क्षेत्रीय शाखा ने इसकी जानकारी दी। भूकंप का केंद्र 40 किलोमीटर (24.8 मील) की गहराई पर स्थित था।

मास्को, एएनआइ। रुस के कामचटका प्रायद्वीप के पास 5.2 तीव्रता के साथ भूंकप के झटके महसूस किए गए। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज (GS RAS) के भूगर्भीय सर्वेक्षण की क्षेत्रीय शाखा ने इसकी जानकारी दी। भूकंप का केंद्र 40 किलोमीटर (24.8 मील) की गहराई पर स्थित था, 175 किलोमीटर पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की शहर( Petropavlovsk-Kamchatsky) पर ये झटके महसूस किए गए। 

भूकंप के कारण होने वाली किसी भी क्षति या पीड़ितों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कोई सुनामी चेतावनी घोषित नहीं की गई है। कामचटका एक भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र में स्थित है जिसे रिंग आफ फायर के के रूप में जाना जाता है, जहां पर नियमित रूप से भूकंप आते रहते हैं। प्रायद्वीप का पूर्वी तट तीन टेक्टोनिक प्लेटों - ओकॉट्स्क, प्रशांत और उत्तरी अमेरिकी लोगों की सीमा के साथ स्थित है।  

बता दें कि बीते दिन जापान में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए थे। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने बताया कि हीरारा से 163 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में 6.6 तीव्रता का भूकंप आया। समाचार एजेंसी एएनआइ ने सिन्‍हुआ के हवाले से बताया है कि भूकंप का केंद्र 23.739 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 126.424 डिग्री पूर्वी देशांतर पर 10 किलोमीटर की गहराई में था। इससे एक दिन पहले भी एक दिन पहले ही निकारागुआ के तट के समीप प्रशांत महासागर में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। अमेरिकी भूगर्भ विज्ञान सर्वेक्षण संस्थान के अनुसार स्थानीय समयानुमसार रात में 12 बजकर 25 मिनट पर यह भूकंप आया। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र मासाचापा नामक स्थान से 64.1 किलोमीटर दक्षिण में 35 किलोमीटर की गहराई में था।

वहीं अभी पिछले महीने ही जापान में सात तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 32 लोग घायल हो गए थे जबकि टोक्यो क्षेत्र में ट्रेन सेवाएं भी बाधित हुई थीं। मालूम हो कि सन 2011 में 11 मार्च को नौ तीव्रता के भूकंप ने पूर्वोत्तर जापान को तबाह कर दिया था। जिसके बाद आई सुनामी में 18 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी जबकि करीब पांच लाख लोग विस्थापित हुए थे। इस त्रासदी को 10 साल हो गए हैं लेकिन 40 हजार लोग फुकुशिमा के आसपास अब भी घरों में लौट नहीं पाए हैं।