आगरा में डेंगू के 60 फीसद मरीज ही करने पड़े भर्ती, 40 फीसद मरीज घर पर ही हो गए ठीक

 

स बार डेंगू के डेन टू स्ट्रेन से संक्रमण फैला है।
 850 मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि। छह मरीजों की डेंगू से हुई है मौत। डेंगू के मरीजों ने झोलाछाप से इलाज कराया इससे तबीयत बिगड़ गई और गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए। ये मरीज भी ठीक हो गए।

आगरा, संवाददाता। डेंगू के डर और दहशत के बीच 40 फीसद मरीज घर पर ही ठीक हो गए। 60 फीसद मरीजों को ही भर्ती करने की जरूरत पड़ी। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अभी तक 850 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। छह मरीजों (0.70 फीसद ) की मौत हुई है।

डेंगू वायरल संक्रमण है, इसके चार स्ट्रेन (डेन वन, डेन टू, डेन थ्री और डेन फोर) हैं। इस बार डेंगू के डेन टू स्ट्रेन से संक्रमण फैला है। यह स्ट्रेन घातक है। मगर, जिन मरीजों को समय से इलाज मिल गया, वे डेंगू के डेन टू स्ट्रेन से संक्रमित होने के बाद ठीक हो गए। सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू के 60 फीसद मरीजों को भर्ती करने की भी जरूरत नहीं पड़ी। 40 फीसद मरीजों को ही भर्ती करना पड़ा, इसमें भी कुछ मरीजों ने बुखार आने के कई दिन तक डाक्टर से परामर्श नहीं लिया। डेंगू के मरीजों ने झोलाछाप से इलाज कराया, इससे तबीयत बिगड़ गई और गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए। ये मरीज भी ठीक हो गए। अभी तक 850 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, डेंगू से छह मरीजों की मौत हुई है।

ये करें

बुखार आने पर केवल पैरासीटामोल टैबलेट लें, अन्य कोई दवा डाक्टर के परामर्श के बिना न लें, तेज बुखार आने पर पानी की पटटी रखें

पानी का सेवन अधिक करें

उल्टी आने, बेहोशी, शरीर के किसी अंग से रक्तस्राव होने लगे तो अस्पताल में भर्ती हो जाएं

इन मरीजों में प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत

शरीर के किसी अंग से रक्तस्राव होने लगे

प्लेटलेट्स काउंट 10 हजार से नीचे पहुंच जाएं

डेंगू के मरीजों में चौथे से छठवें दिन के बीच में तबीयत बिगड़ती है, इससे पहले ही मरीज डाक्टर से इलाज करा लें तो ठीक हो जाते हैं। देश भर से जुटाए गए ब्योरा में भी डेंगू के मरीजों में एक फीसद ही मौत दर्ज हैं।

डा. मृदुल चतुर्वेदी डेंगू वार्ड प्रभारी एसएन मेडिकल कालेज

डेंगू में समय से इलाज मिलने पर मरीज ठीक हो जाते हैं। बच्चों के लिए डेन टू स्ट्रेन ज्यादा घातक है। अधिकांश केस में देर से मरीज अस्पताल पहुंचे, इसलिए मौत हुईं।

डा. नीरज यादव, बाल रोग विशेषज्ञ एसएन मेडिकल

कालेज