हैमर मिसाइलों से लैस होकर और ताकतवर होगा तेजस विमान, 70 किलोमीटर दूर बंकरों को कर देगा तबाह

 

हैमर मिसाइलों से लैस होकर और ताकतवर होगा तेजस विमान।
स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस की क्षमता को और बढ़ाने के लिए भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से हैमर मिसाइलों की खरीद का आर्डर दिया है। ये मिसाइलें 70 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर किसी भी मजबूत बंकर या जमीनी लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम हैं।

नई दिल्ली, एएनआइ। स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस की क्षमता को और बढ़ाने के लिए भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से हैमर (हाईली एजाइल माड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज) मिसाइलों की खरीद का आर्डर दिया है। ये मिसाइलें 70 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर किसी भी मजबूत बंकर या जमीनी लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम हैं। चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच वायुसेना ने सरकार से मिले आपातकालीन खरीद के अधिकार का प्रयोग करते हुए इन मिसाइलों का आर्डर दिया है।

भारतीय वायुसेना ने हैमर मिसाइलों की पहली खेप राफेल विमानों के लिए उस समय हासिल की थी जब फ्रांस से इनकी आपूर्ति प्रारंभ हुई थी। चीन के आक्रामक रुख के मद्देनजर उस समय फ्रांस बेहद कम समय में हमारे राफेल विमानों के लिए इन मिसाइलों की आपूर्ति के लिए राजी हो गया था। फ्रांस ने इन्हें अपनी वायुसेना और नौसेना के लिए डिजाइन किया था। बता दें कि भारतीय वायुसेना में तेजस की दो स्क्वाड्रन पहले से संचालन में हैं। तेजस को पाकिस्तान और चीन के संयुक्त उपक्रम जेएफ-17 लड़ाकू विमान से कहीं ज्यादा सक्षम माना जाता है। हैमर मिसाइलों के साथ तेजस की क्षमता और ज्यादा बढ़ जाएगी।

वायुसेना की निगाहें एलसीए मार्क 2 पर

भारतीय सशस्त्र बलों ने सरकार से मिली आपातकालीन खरीद शक्तियों का व्यापक रूप से उपयोग किया है, ताकि दोनों मोर्चों पर दुश्मनों के किसी भी दुस्साहस या आक्रमण से निपटने के लिए खुद को आवश्यक हथियारों से लैस किया जा सके। भारतीय वायुसेना स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमान का पुरजोर समर्थन कर रही है। वायुसेना की निगाहें एलसीए मार्क 2 और डीआरडीओ द्वारा इसके लिए विकसित किए जा रहे एएमसीए पर भी टिकी हैं।