सीएम ने पीएम से कहा- देश में कमरतोड़ महंगाई ऐसे वक्त में गरीबों का हाथ छोड़ना सही नहीं

 

सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम से मांग की है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि दिल्ली सरकार की तरह केंद्र सरकार भी निश्शुल्क राशन योजना को छह माह के लिए आगे बढ़ाए। इससे महंगाई से जूझ रहे गरीब परिवारों को राहत मिलेगी।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि दिल्ली सरकार की तरह केंद्र सरकार भी निश्शुल्क राशन योजना को छह माह के लिए आगे बढ़ाए। इससे महंगाई से जूझ रहे गरीब परिवारों को राहत मिलेगी। दिल्ली सरकार ने पांच अक्टूबर को हुई कैबिनेट की बैठक में योजना को छह माह के लिए आगे बढ़ाए जाने का निर्णय लिया था।

दिल्ली सरकार ने कहा है कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से दिए जा रहे राशन को 30 नवंबर से आगे नहीं बढ़ाने का एलान किया है। इसकी जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की निश्शुल्क राशन योजना से गरीबों को कोरोना काल में काफी राहत मिली है। दोनों सरकारों की यह योजना नवंबर में समाप्त हो रही है।

देश में कमरतोड़ महंगाई ऐसे में छह महीने के लिए आगे बढ़े योजना

देश में इस वक्त कमरतोड़ महंगाई है। एक आम आदमी को दो वक्त की रोटी मिलनी मुश्किल हो रही है। कोरोना काल में कई लोगों के रोजगार चले गए और उनके पास कमाई का कोई साधन नहीं है। आर्थिक संकट से घिरे गरीब परिवारों का हाथ छोड़ना अभी ठीक नहीं होगा। पत्र में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार लोगों को अतिरिक्त निश्शुल्क राशन देने की यह योजना छह महीने के लिए बढ़ा दे। दिल्ली सरकार ने भी अपनी योजना छह महीने के लिए बढ़ा दी है।

नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मिली थी मंजूरी

केजरीवाल की अध्यक्षता में पांच अक्टूबर 2021 को कैबिनेट की बैठक हुई थी। इसमें कोविड-19 महामारी के जारी रहने तक गैर पीडीएस गरीब परिवारों, प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे भी निश्शुल्क राशन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया। इसे कैबिनेट ने सर्व सम्मति से मंजूरी दी थी।

मुफ्त खाद्यान्न देने का प्राविधान

इससे पहले, 25 मई 2021 को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट की बैठक में जरूरतमंद लोगों को निश्शुल्क राशन (खाद्यान्न) देने का निर्णय लिया गया था। एनएफएस (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा) अधिनियम 2013 के अंतर्गत निर्धारित पात्रता के अनुसार, प्रवासी श्रमिकों, असंगठित श्रमिकों, निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों, घरेलू सहायिका सहित जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन जरूरतमंद लोगों को पांच किलो खाद्यान्न मुफ्त देने का प्रविधान है। इसमें प्रति व्यक्ति प्रति माह चार किलो गेहूं और एक किलो चावल शामिल है। इस योजना से दिल्ली में रह रहे करीब 20 लाख लोगों लाभ मिला था। इसके अलावा एनएफएसए के तहत नियमित आवंटन के तहत 72.78 लाख पीडीएस लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं दिल्ली कैबिनेट के अक्टूबर माह में लिए गए निर्णय के बाद अब दिल्ली में रह रहे गैर पीडीएस (बगैर राशन कार्ड) वाले गरीब लाभार्थियों की संख्या बढ़ कर करीब 40 लाख हो गई ह

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