शराब निर्माण और बेचने का धंधा छोड़ने वालों को मिलेगा रोजगार, बक्सर में अधिकारियों ने की बैठक

धंधे को छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने वाले लोगों के लिए जिला प्रशासन उनके जीविको पार्जन के लिए भी गंभीर है।
लगातार छापेमारी के बाद रोजगार और भरण पोषण जैसी उभरकर आई बातों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि शराबबंदी कानून को धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए ऐसे लोगों को रोजगार से जोड़ना अति आवश्यक है

 संवाददाता, डुमरांव (बक्सर): शराब के निर्माण और बिक्री के धंधे को छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने वाले लोगों के लिए जिला प्रशासन उनके जीविको पार्जन के लिए भी गंभीर है। रोजगार सृजन के लिए धंधेबाज स्वयं वरीय अधिकारियों से मिलकर पहल करेंगे और जीविका दीदियों को इसके लिए सर्वे की जिम्मेदारी मिली है। शुक्रवार को स्थानीय थाना परिसर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा लगातार छापेमारी के बाद रोजगार और भरण पोषण जैसी उभरकर आई बातों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि शराबबंदी कानून को धरातल पर मूर्त रूप देने के लिए ऐसे लोगों को रोजगार से जोड़ना अति आवश्यक है, जो हमेशा रोजगार नहीं मिलने आवर भरण पोषण के लिए शराब निर्माण और बिक्री की बात कर रहे हैं।

डुमरांव बीडीओ संतोष कुमार और अंचलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि व अधिकारियों के निर्देशानुसार चिन्हित किए गए स्थलों पर छापामारी कर शराब धंधेबाजों की कमर तोड़ने के कवायद चल रही है। इस दौरान विशेष रुप से अनुसूचित बस्ती में रहने वाले धंधेबाजों के द्वारा यह बात लगातार कही जा रही है कि कृषि में यांत्रिकीकरण के कारण काम और रोजगार नहीं मिल रहा है। खेती-बाड़ी के लिए जमीन तैयार भी नहीं है, जिससे बाल बच्चों के भरण पोषण हो सके। इस को ध्यान में रखते हुए वरीय अधिकारियों के आदेश पर ऐसा निर्णय लिया गया है की जीविका दीदियों के सर्वे के बाद रोजगार से जोडऩे के लिए प्रति परिवार पचास हजार तक अनुदान दिया जाएगा। यही नहीं पुलिस अधिकारियों को धंधा से अलग हो चुके लोगों के बारे में तथा उस स्थान के बारे में यह प्रमाण देना होगा कि वहां शराब का धंधा बंद करा दिया गया है। बैठक में डुमरांव थानाध्यक्ष ङ्क्षबदेश्वर राम, कोरान सराय थानाध्यक्ष जुनैद आलम और नया भोजपुर ओपी प्रभारी राजीव रंजन राय सहित कई अधिकारी उपस्थित हुए।