कोरोना का नया वैरिएंट भारत के लिए कम चिंता का विषय, जानें क्या कहा विशेषज्ञों ने

 

कोविड का नया वैरिएंट की आवृत्ति सभी प्रकार की चिंता और रुचि के प्रकार से 0.1 फीसद से कम है।
भारतीय सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG)ने कहा कि कोविड-19 का नया वैरिएंट AY.4.2 की आवृत्ति सभी प्रकार की चिंता और रुचि के प्रकार से 0.1 फीसद से कम है। इस समय यह बहुम कम चिंता का विषय है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG)ने कहा कि कोविड-19 के नये वैैरिएंट AY.4.2 की आवृत्ति सभी प्रकार की चिंता और रुचि के प्रकार से 0.1 फीसद से कम है। इस समय यह बहुम कम चिंता का विषय है। इसके साप्ताहिक बुलेटिन में कहा गया है कि अन्य डेल्टा वेरिएंट की तुलना में AY.4.2 के लिए वैक्सीन की प्रभावशीलता अलग नहीं लगती है।

इंसाकाग (INSACOG)ने कहा कि कोविड-19 के नए वैरिएंट AY.4.2 सभी प्रकार की चिंता और रुचि के प्रकार (VOC/VOI) के 0.1 प्रतिशत से कम है। इस समय बहुत कम चिंता का विषय है। इसमें कहा कि वर्तमान में AY.4.2 की बढ़े हुए संक्रमण के लिए कोई जैविक आधार नहीं है। जैसा कि महामारी विज्ञान के अनुसार, इसकी प्रगति की जांच की जा रही है।

इंसाकाग (INSACOG)ने नोट किया कि डेल्टा (B.1.617.2 और AY.x) भारत में चिंता का मुख्य कारण (VOC) बना हुआ है। अभी भारत में कोविड के नए वैरिएंट के आने के बारे में नहीं नोट किया गया है। डेल्टा वैरिएंट, जो पहली बार पिछले साल अक्टूबर में भारत में पाया गया था, ने देश में कोरोना महामारी की विनाशकारी दूसरी लहर पैदा की, जो अप्रैल और मई में अपने चरम पर थी।

इंसाकाग (INSACOG) 28 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का एक संघ है। इसे दिसंबर 2020 में सार्स सीओवी-2 (SARS-CoV-2) कोरोना से पैदा करने वाले वायरस में जीनोमिक विविधताओं की निगरानी के लिए स्थापित किया गया था। इसका अखिल भारतीय नेटवर्क केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन काम करता है।

एम्स निदेशक ने दी चेतावनी

उधर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि प्रदूषण बढ़ने के साथ ही कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। कोरोना के मामलों के साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदूषण का श्वसन स्वास्थ्य पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। खासकर उन लोगों में जिन्हें फेफड़ों की बीमारी और अस्थमा है। बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 10,853 नए मामले देखने को मिले है। इस महामारी के चलते 526 लोगों की जान भी गई, जो कि कल की तुलना में 134 अधिक है।