करोड़ों की जमीन औने-पौने भाव में नीलाम कर रहा निगम: आप

 

निगम करीब 481 वर्ग मीटर जमीन प्राइम लोकेशन पर इतने सस्ते दामों में बेच दे रहा है।

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने उत्तरी नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक का एजेंडा दिखाते हुए कहा कि भाजपा उत्तरी नगर निगम के तहत राजन बाबू इंस्टीट्यूट में करीब 6556 वर्ग मीटर जमीन की औने-पौने दामों में नीलामी कर रही है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासित उत्तरी नगर निगम करोड़ों की जमीन को सेटिंग करके अपने लोगों को बेच रहा है। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने उत्तरी नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक का एजेंडा दिखाते हुए कहा कि भाजपा उत्तरी नगर निगम के तहत राजन बाबू इंस्टीट्यूट में करीब 6,556 वर्ग मीटर जमीन की औने-पौने दामों में नीलामी कर रही है।

उन्होंने कहा कि डी-4 करमपुरा कामर्शियल काम्प्लेक्स (व्यावसायिक परिसर) के लिए छह करोड़ 36 लाख 30 हजार रुपये की न्यूनतम बोली पर पहली बोली छह करोड़, 36 लाख 90 हजार की आई और दूसरी बोली छह करोड़ 37 हजार की आई। एजेंडा के दस्तावेज दिखाते हुए भारद्वाज ने कहा कि इसी तरह नानीवला बाग में आजादपुर के पास कामर्शियल काम्प्लेक्स के लिए भाजपा ने न्यूनतम बोली 12 करोड़ 21 लाख रुपये की रखी, जिसके लिए दो बोली लगाई गई हैं। एक 12 करोड़ 35 लाख की है और दूसरी 12 करोड़ 38 लाख की है। इसके बाद यह जमीन इन्होंने 12 करोड़ 38 लाख में बेच दी।

भारद्वाज ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी आसपास की बोली क्यों आ रही हैं। निगम करीब 481 वर्ग मीटर जमीन प्राइम लोकेशन पर इतने सस्ते दामों में बेच दे रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरी नगर निगम अन्य 18 दुकानों को भी बेचने की तैयारी में है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम अत्यंत विषम आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है। दिल्ली सरकार तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम वित्त आयोग की सिफारिश अनुसार छह हजार करोड़ रुपये जारी करने के बजाय उत्तरी दिल्ली निगम को बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट के चलते वेतन बिल एवं विकास खर्च को चुकाने के लिए नगर निगम को अपनी कुछ संपत्तियों को दीर्घकालीन लीज पर देना पड़ रहा है।लीज सौदे दिल्ली सरकार के तय सर्किल रेट से अधिक दर पर हो रहे हैं और पारदर्शी हैं। यदि आप विधायक सौरभ भारद्वाज एवं अन्य नेताओं को नगर निगम के काम में कमी दिखती है तो वह इसकी जांच करा सकते हैं।