दिल्ली में किस रेंज में काटे गए सबसे अधिक ई रिक्शा के चालान, क्या-क्या था इसके पीछे कारण?

 


जनवरी से अक्टूबर के बीच अभियान चलाकर 19 हजार 591 चालान काटे हैं।
11 हजार 983 चालान गलत पार्किंग पांच हजार 546 चालान नो एंट्री जोन में ई-रिक्शा चलाने पर और दो हजार 62 चालान बिना लाइसेंस और बिना पंजीकरण के ई-रिक्शा चलाने पर काटे गए हैं। रेंज के आधार पर चालान काटने की सबसे अधिक कार्रवाई पश्चिमी रेंज में हुई है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा के खिलाफ जनवरी से अक्टूबर के बीच अभियान चलाकर 19 हजार 591 चालान काटे हैं। ये चालान 500 से लेकर पांच हजार तक के काटे गए हैं। इनमें से 11 हजार 983 चालान गलत पार्किंग, पांच हजार 546 चालान नो एंट्री जोन में ई-रिक्शा चलाने पर और दो हजार 62 चालान बिना लाइसेंस और बिना पंजीकरण के ई-रिक्शा चलाने पर काटे गए हैं। अगर रेंज के आधार पर बात करें तो चालान काटने की सबसे अधिक कार्रवाई पश्चिमी रेंज में हुई है।

पश्चिमी रेंज के यातायात पुलिस उपायुक्त घनश्याम बंसल के अनुसार जनवरी से 31 अक्टूबर तक चले अभियान में पश्चिमी रेंज में ई-रिक्शा के 14 हजार 580 चालान काटे गए हैं। जबकि, नई दिल्ली रेंज में 2802 और दक्षिणी रेंज में 2209 चालान काटे गए हैं। इसी समय अवधि (जनवरी से अक्टूबर) में यातायात पुलिस ने 31 हजार 723 ई-रिक्शा को जब्त भी किया है।

उधर राजधानी में पड़ोसी राज्यों से भी मच्छरजनित बीमारियों के मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। आलम यह है कि अब तक दर्ज हुए डेंगू के आंकड़ों में से 66 प्रतिशत मरीज दूसरे राज्यों के हैं। इसी तरह मलेरिया के 55 प्रतिशत दूसरे राज्यों के हैं। इसमें अधिक संख्या एनसीआर में शामिल गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा, गुरुग्राम शामिल हैं।

यही वजह है कि राजधानी में मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इससे निगम को व्यवस्था करने में दिक्कत आ रही है, क्योंकि निगम अपनी आबादी के हिसाब से इंतजाम करता है। निगम की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक दर्ज डेंगू के 1537 मरीज दिल्ली से हैं, जबकि 1015 मरीज दूसरे राज्यों से हैं। इसी तरह मलेरिया के कुल 160 मरीजों में 88 मरीज दूसरे राज्यों के हैं।