न्यू जर्सी में तैयार हुआ दयालबाग माडल पर एग्रोकोलाजी केंद्र

 

19.5 एकड़ में होगी जैविक खेती, तैयार होगा अंतरराष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र।
19.5 एकड़ में होगी जैविक खेती तैयार होगा अंतरराष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र। गुरुवार को आनलाइन हुआ शुभारंभ दी गई जानकारी। इस स्थान को शिक्षा के लिए प्राथमिक ध्यान के रूप में डीईआइ के साथ अंतरराष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करना है।

आगरा, संवाददाता। न्यू जर्सी में 19.5 एकड़ जमीन में दयालबाग माडल के प्रेरित होकर एग्रोकोलाजी यानी कृषि-परिस्थितकी-तंत्र को तैयार किया गया है। यहां कृषि को प्रकृति से जोड़ा जाएगा। इस स्थान पर अंतरराष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र विकसित किया जाएगा। यह स्थान राधास्वामी सत्संग सभा के माडल के रूप में विकसित होगा। गुरुवार को आनलाइन इसका शुभारंभ किया गया।

दयालबाग राधास्वामी सत्संग एसोसिएशन आफ नार्थ अमेरिका द्वारा इंटरनेशनल सेंटर फार एग्रोकोलोजी पर दयालबाग से मिले मार्गदर्शन के आधार पर दो रिक्रिएशनल वाहन इंटीग्रल ट्रेलर सुविधा के साथ शुरू किए गए हैं।यहां मोबाइल आवास, सत्संग आरवी, केयरटेकर आरवी भी है। न्यू जर्सी के ब्रांच सेक्रेटरी नोवा भोजवानी ने बताया कि इस स्थान को शिक्षा के लिए प्राथमिक ध्यान के रूप में डीईआइ के साथ अंतरराष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस केंद्र पर जैविक खेती को बढ़ावा देना है। कीटनाशकों से मुक्त खेती करनी है। राजाबरारी एस्टेट के डा. विशाल साहनी ने बताया कि इस माडल को 100 साल पहले मध्यप्रदेश के हरदा जिले में राजाबरारी एस्टेट जो आठ हजार एकड़ में फैला है, वहां विकसित किया जा चुका है। यहां सौर ऊर्चा से कंप्यूटर के साथ पानी के पंप और स्ट्रीट लाइट भी जल रही हैं। साइंटिफिक कमेटी के प्रो. एसएस भोजवानी ने दयालबाग की जीवन शैली पर प्रकाश डाला। डा. बानी दयाल ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में प्रो. प्रेमसरन सत्संगी व रानी साहिबा भी मौजूद रहीं।सुपरमैन स्कीम के नन्हें बच्चों ने प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सभी केंद्रों पर विद्युत सज्जा की गई। हुजुर स्वामी जी महाराज की समाधि को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया।