हिमाचल, जम्मू-कश्मीर समेत देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी से आफत, कई रास्ते बंद

हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर में हुई बारिश और बर्फबारी।(फोटो: प्रतीकात्मक)
पूरी घाटी में कड़ाके की ठंड- बर्फबारी से मुगल रोड बंद। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते शुक्रवार को देश के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर में हुई बारिश व बर्फबारी से यातायात प्रभावित।

नई दिल्ली। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते शुक्रवार को पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर में हुई बारिश व बर्फबारी से यातायात प्रभावित हो गया। पूरी कश्मीर घाटी में कड़ाके ठंड पड़ने लगी है। बर्फबारी से जहां जम्मू-कश्मीर का मुगल रोड बंद हो गया, वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली-लेह मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को कश्मीर के उच्च पर्वतीय इलाकों में फिर से बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इससे जम्मू संभाग के पुंछ से कश्मीर को जोड़ने वाले मुगल रोड के अलावा बांडीपुर-गुरेज, कुपवाड़ा- करनाह मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए। पूरी वादी में ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। वहीं, जम्मू में दिनभर धूप खिलने से लोगों को राहत रही।

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने पहले ही चार व पांच नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कश्मीर में बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई थी। ऐसे में चार नवंबर को तो मौसम शुष्क ही रहा, मगर पांच नवंबर तड़के मौसम बदल गया। गुलमर्ग समेत उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश का सिलसिला दिनभर रुक-रुक कर जारी रहा। गुलमर्ग में तीन, सोनमर्ग में चार, साधना टाप के निकट छह, राजदान पास के निकट भी छह इंच बर्फ रिकार्ड की गई।

बर्फबारी से सड़कों पर पैदा हुई फिसलन से बांडीपोरा-गुरेज व कुपवाड़ा-करनाह रोड यातायात के लिए बंद हो गई। सिंथन टाप व पीर की गली के निकट हुई ताजा बर्फबारी के चलते मुगल रोड को भी बंद कर दिया। श्रीनगर समेत निचले इलाकों में बारिश दिनभर रुक-रुक कर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार तड़के से वादी में मौसम में सुधार आना शुरू हो जाएगा। फिर अगले दो सप्ताह तक मौसम में खास परिवर्तन नहीं आएगा।

मनाली-लेह मार्ग बंद

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग के बारालाचा, तंगलंगला व लाचुंगला दर्रो में भारी बर्फबारी हुई है। यह मार्ग सर्दियों के चलते लंबे समय के लिए बंद हो गया है। लेह लद्दाख जाने के लिए अब या तो हवाई सेवा या फिर वाहन द्वारा जम्मू, श्रीनगर से जोजिला दर्रे से होते हुए लेह लद्दाख आ जा सकते हैं। शिंकुला दर्रे के बंद होने से जंस्कार व कारगिल का भी लाहुल से संपर्क कट गया है। सेना के वाहनों की आवाजाही भी अब अगले साल ही हो सकेगी।अटल टनल बनी वरदानअटल टनल रोहतांग लाहुल व किलाड़ घाटी के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। केलंग से मनाली का सफर पांच घंटे से घटकर दो घंटे ही रह गया है।

बीआरओ ने सर्दियों में भी इस घाटी की खुला रखने की बात कही है।उत्तराखंड में दो डिग्री सेल्सियस तक गिरा तापमानउत्तराखंड केज्यादातर शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून में न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। अन्य शहरों में भी दिन और रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, चोटियों पर रुक-रुककर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। उधर, कुमाऊं में बीते दिनों कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई।