छोटे कंटेनर से माल ढुलाई से छोटे व्यापारियों को मिलेगी राहतः अश्विनी वैष्‍णव

 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर छोटे कंटेनर का किया निरीक्षण
छोटे व्यापारियों को सामान भेजने में आसानी हो इसके लिए छोटे आकार के कंटेनर का उपयोग किया जाएगा। इस तरह के कंटेनर का परीक्षण किया जा रहा है। इससे व्यापारियों को लाभ होने के साथ ही सामान की ढुलाई में तेजी आएगी।

नई दिल्ली]। छोटे व्यापारियों को सामान भेजने में आसानी हो इसके लिए छोटे आकार के कंटेनर का उपयोग किया जाएगा। इस तरह के कंटेनर का परीक्षण किया जा रहा है। इससे व्यापारियों को लाभ होने के साथ ही सामान की ढुलाई में तेजी आएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर इस तरह के कंटेनर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें इसके बारे में जानकारी दी।

इस कंटनेर की क्षमता ढाई टन है और इसका आकार परंपरागत कंटेनर का 1/6 भाग है। इसके प्रयोग से कम समान भेजने वालों को सुवधा होगी। इसका अभी परीक्षण किया जा रहा है। सफल परीक्षण के बाद इसकी सेवा शुरू की जाएगी। पैकेट बंद खाद्य पदार्थ, दवा, चिकित्‍सा उपकरण, रसायन, दो-पहिया वाहन व दैनिक प्रयोग वाले सामान को भेजने में आसानी होगी।

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे प्रधानमंत्री के ‘गति शक्ति’ को गति दे रहा है। गति शक्ति के तहत रेल प्रणाली को मल्‍टीमाडल प्रणाली का रूप देकर आधुनिक बनाया जाता है। इस दिशा में रेलवे लगातार काम कर रहा है। माल ढुलाई पर बल दिया जा रहा है। इससे कोयला, सीमेंट और पेट्रोलियम के परंपरागत माल ढुलाई के साथ ही छोटे और मंझोले कार्गो उपयोगकर्ताओं को जोड़ने की कोशिश हो रही है। छोटे आकार के कंटेनर के प्रयोग से इस काम में और तेजी आएगी।मंत्री के साथ रेलवे बोर्ड के सदस्य (संचालन और व्यवसाय विकास) एसके मोहंती, उत्‍तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक नवीन गुलाटी, दिल्‍ली मंडल के रेल प्रबंधक डिंपी गर्ग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बुजुर्गो की सेवा के बिना अधूरा है जीवन : सतीश उपाध्याय

वहीं, बुजुर्ग हमारे समाज की रीढ़ हैं। हमें उनके बताए रास्तों पर चलना चाहिए। उनकी सेवा के बिना हमारा जीवन अधूरा है। कोई भी बुजुर्ग बेसहारा दिखता है तो मन में दुख होता है। यह बातें नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भगवान दास लेन में स्थित आराधना सीनियर सिटिजन होम में बुजुर्गो से मिलते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गो को गरम कपड़े, मेवे और सर्दी से बचने के लिए हीटर बांटे।