अधूरा पता बन रहा है डेंगू-मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में रोड़ा

 

डेंगू के 242, मलेरिया के दो और चिकनगुनिया के 22 मरीज ऐसे सामने आए हैं।
मच्छरजनित बीमारियों को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले अधिकारी ने कहा कि हम मच्छरजनित बीमारियों से बढ़ते मरीजों को लेकर चिंतित हैं। उत्तरी निगम क्षेत्र में 149 हाटस्पाट चिह्नित हैं लेकिन हमारे सामने समस्या यह भी है कि कई मरीजों का पता पूरा नहीं मिल पा रहा है।

नई दिल्ली । मच्छरजनित बीमारियों को लेकर निगम द्वारा चल रही लड़ाई में अधूरा पता, बेपता व गलत पता देने वाले मरीज रोड़ा बन रहे हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में न तो फागिंग हो पा रही है और न ही विशेष जांच अभियान चल पा रहा है। ऐसे में मरीजों की संख्या कम करने की कोशिश में निगमों को जितनी कामयाबी मिलनी चाहिए उतनी कामयाबी नहीं मिल पा रही है। इस मौसम में अब तक डेंगू के 242, मलेरिया के दो और चिकनगुनिया के 22 मरीज ऐसे सामने आए हैं जो दिल्ली के तो हैं लेकिन दिल्ली में कहा के हैं ये पता नहीं लग पा रहा है।

हाटस्पाट बना कर हो रहा काम

दरअसल, मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए निगमों ने उन इलाकों को हाटस्पाट के रूप में चिह्नित किया है जहां से ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। इसमें उत्तरी निगम ने 149 तो दक्षिणी निगम ने 35, पूर्वी निगम ने 16 और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने तीन इलाकों को हाटस्पाट के रूप में चिह्नित करके यहां पर एंटी लार्वा स्प्रे, फागिंग, जांच और चालान की कार्रवाई बढ़ा दी है। निगम के कर्मी विशेष रूप से यहां जाकर घर-घर जाकर मच्छरों के पनपने की जांच कर रहे हैं। राजधानी में 266 मरीज ऐसे हैं जिनका पता तक नहीं मिल पाया है।

चल रहा विशेष अभियान

मच्छरजनित बीमारियों को लेकर उत्तरी निगम के जनस्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम मच्छरजनित बीमारियों से बढ़ते मरीजों को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में हम घर-घर जाकर जागरुक तो कर ही रहे हैं बल्कि उन स्थानों पर हम विशेष रूप से अभियान चला रहे हैं जहां से ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। उत्तरी निगम क्षेत्र में 149 हाटस्पाट चिह्नित हैं, लेकिन हमारे सामने समस्या यह भी है कि कई मरीजों का पता पूरा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन मरीजों के इलाके की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। इसलिए हम लोगों से अपील करना चाहते हैं कि वह अस्पताल व लैब में जांच कराते समय सही पता दर्ज कराए। ताकि दूसरे लोगों को इन बीमारियों के प्रकोप से बचाया जा सके।

पते पर नहीं मिले 570 मरीज

अस्पतालों द्वारा तो सही पता निगम को उपलब्ध कराया ही नहीं जा रहा है, बल्कि जो मरीज विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं वह भी सही पता नहीं दे रहे हैं। निगम के पास ऐसे 570 मरीजों का आंकड़ा आया है जिन्होंने जो पता दिया वह उस पते पर नहीं मिले। इसमें डेंगू के 487, मलेरिया के 47 और चिकनगुनिया के 36 मरीज हैं। जबकि निगम के कर्मी दिए गए पते पर निरीक्षण करने गए थे। ऐसे में निगम के सामने इन मरीजों के सही पते का पता लगाकर वहां मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कार्य करना बड़ी चुनौती है।

  • वर्ष-मलेरिया-डेंगू-चिकनगुनिया
  • 2018-289-1011-105
  • 2019-365-480-78
  • 2020-50-109-35
  • 2021-47-487-36

पता न देने वाले मरीज

  • वर्ष-मलेरिया-डेंगू-चिकनगुनिया
  • 2018-24-420-95
  • 2019-50-171-21
  • 2020-7-34-4
  • 2021-2-242-1
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