क्या दिल्ली में फिर से लागू होगा आड-इवेन, तैयारी में जुटी दिल्ली सरकार

 


Odd Even Again in Delhi: क्या दिल्ली में फिर से लागू होगा आड-इवेन, तैयारी में जुटी दिल्ली सरकार
 मिली जानकारी के मुताबिक वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए दिल्ली में आड- इवन लागू हो सकता है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने मंगलवार को बस आपरेटरों के साथ बैठक कर बसों की स्थिति की जानकारी ली।

नई दिल्ली । दीवाली के बाद से राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर हालात गंभीर बने हुए हैं। लगातार 12 दिनों से दिल्ली में वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में है और इससे जल्द छुटकारा मिलने के आसार भी नहीं नजर आ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की लगातार फटकार के बाद दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार आड-इवेन जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकती है। इसके साथ ही आने वाले कुछ दिनों के लिए वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए आड-इवेन का विकल्प अपनाया जा सकता है।

मिली जानकारी के मुताबिक, वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए दिल्ली में आड- इवन लागू हो सकता है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने मंगलवार को बस आपरेटरों के साथ बैठक कर बसों की स्थिति की जानकारी ली। वहीं, दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Delhi Transport Minister Kailash Gehlot) ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दिल्लीवासियों से निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया है कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार एक महीने की अवधि के लिए लगभग एक हजार निजी बसें किराये पर लेगी।

जानिये- कैसे काम करता है आड इवेन फार्मूला

राजधानी दिल्ली में आड इवेन फार्मूला लागू होने की स्थिति में वाहन चालकों को बेहद सतर्कता बरतनी पड़ती है, वरना 5000 रुपये तक चालान भरना पड़ता है। इसे इस तरह समझें कि अगर किसी के वाहन के नंबर प्लेट का अंतिम नंबर आड (1,3,5,7,9) है तो वाहन को 3, 5, 7, 9, 11,13 और 15 तारीख को ही चला पाएंगे। वहीं, अगर गाड़ी का आखिरी नंबर इवेन (2,4,6,8,0) है तो आप महीने की 4, 6, 8, 10, 12 और 14 तारीख को ही गाड़ी निकाल पाएंगे, क्योंकि इन तारीखों में ईवन नंबर की गाड़ियां चलेंगी।

लाकडाउन हो सकता है प्रभावी कदम

बता दें कि पिछले साल कोरोना वायरस के चलते लगा गए लाकडाउन की वजह से दिल्ली-एनसीआर समेत समूचे देश भर में वायु प्रदूषण के स्तर में गिरावट देखने को मिली थी। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर दिल्ली के साथ एनसीआर के शहरों में लाकडाउन लगाया जाता है तो इससे वायु प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।