अपहरण व लूट के मामले में फरार चल रहा आरोपित दो साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे, अदालत ने किया था भगोड़ा घोषित

 

Delhi Crime: आरोपित राकेश कुमार को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था।
 दंपती को युवकों ने गाड़ी में जबरन बिठा लिया और रास्ते में उनसे नगदी और गहने लूट लिए गए। अपहरण और लूट के मामले में गत दो वर्षों से फरार चल रहे बदमाश को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया।

नई दिल्ली। अपहरण और लूट के मामले में गत दो वर्षों से फरार चल रहे बदमाश को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित राकेश कुमार यूपी के आगरा जिले के ब्राह्मण गांव का रहने वाला है। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। वहीं दिल्ली पुलिस की तरफ से इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके दो अन्य आरोपित अभी भी फरार चल रहे हैं।

उपायुक्त (अपराध) मनोज सी के मुताबिक, 26 मई 2019 को एक युवक अपनी पत्नी के साथ आनंद विहार बस अड्डे पर था। वह सराय काले खां जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे।इस दौरान उनके पास दो लोग आए, जिनमें से एक ने खुद को फौजी बताया। उसी दौरान वहां पर एक कार पहुंची। दंपती को युवकों ने गाड़ी में जबरन बिठा लिया और रास्ते में उनसे नगदी और गहने लूट लिए गए और उन्हें मयूर विहार इलाके में छोड़कर बदमाश फरार हो गए।

पीसीआर वैन में गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों ने पीड़ितों की चिल्लाने की आवाज सुनकर एक बदमाश रोहित शर्मा को पकड़ने में पुलिस कामयाब हो गई थी जबकि अन्य आरोपित फरार हो गए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में रोहित के अलावा अतुल को भी स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वहीं तीन अन्य आरोपित राकेश, देवेंद्र प्रताप उर्फ महेंद्र फौजी और मनोज कुमार फरार चल रहे थे।

इन्हें अदालत द्वारा मार्च 2020 में भगोड़ा घोषित किए जोन के साथ ही पुलिस की तरफ से इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच के एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर अरुण सिंधु टीम काम कर रही थी। शुक्रवार को पुलिस टीम ने आरोपित को कालीबाड़ी मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया ।