उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद सरकार ने कम की पेट्रोल-डीजल की कीमतेंः कांग्रेस

 

दरों में कमी बिगड़ती स्थिति संभालने की कोशिश: कांग्रेस

दिल्ली कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा दीवाली पर पेट्रोल और डीजल की दरों में क्रमश पांच और 10 रुपये प्रति लीटर की कमी अपनी बिगड़ती सियासी स्थिति को संभालने की कोशिश भर है। उपचुनावों का परिणाम देख भाजपा को आभास हो गया है कि जनता नाराज है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा दीवाली पर पेट्रोल और डीजल की दरों में क्रमश: पांच और 10 रुपये प्रति लीटर की कमी अपनी बिगड़ती सियासी स्थिति को संभालने की कोशिश भर है। तीन लोकसभा और 30 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों का परिणाम देख भाजपा को आभास हो गया है कि जनता नाराज है। इस कटौती के बावजूद दिल्ली में अभी भी पेट्रोल 103.97 रुपये और डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली में रसोई गैस प्रति सिलेंडर 899.50 रुपये है।

शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि यदि मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल की बढ़ती दरों से लोगों को राहत ही देना चाहती है तो उन्हें यूपीए सरकार का अनुसरण करना चाहिए। उस समय पेट्रोल पर 24.34 रुपये और डीजल पर 13.77 रुपये एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी।

पांच महीने से लगातार बढ़ने वाली पेट्रोल और डीजल की दरों व रसोई गैस के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि से जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारी मुनाफा कमाने के बाद मुख्यमंत्री लोगों के पैसे को पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और गोवा में 2022 के विधानसभा चुनावों में प्रचार में लगा रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल पर वैट कम कराने के लिए भाजपा करेगी आंदोलन

वहीं, भाजपा ने दिल्ली सरकार से पेट्रोल व डीजल पर वैट कम करने की मांग की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार पेट्रोल व डीजल पर देश में सबसे ज्यादा वैट वसूल रही है। केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क कम करने के बावजूद दिल्ली सरकार वैट में कमी नहीं कर रही है, इसलिए शनिवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर पार्टी पदाधिकारी धरना देंगे।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्लीवासियों को महंगाई से राहत देने के लिए पेट्रोल व डीजल पर तुरंत दस-दस रुपये वैट कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि रविवार तक दिल्ली सरकार ने वैट में कटौती नहीं की तो सोमवार से भाजपा के सभी विधायक भी मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करेंगे।