रेगिस्तान में बरसात की ख्वाहिश न करें, यूएई में ऐसा ही कुछ हुआ विराट की टीम इंडिया के साथ

 

Team India T20 World Cup (फोटो ICC BCCI)
रेगिस्तान में बारिश की उम्मीद करना वैसी ही बात है जैसे अफगानिस्तान से न्यूजीलैंड को हराने की उम्मीद करना। हालांकि उम्मीद करना बुरी बात नहीं है लेकिन ये उम्मीद विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम के काम नहीं आई।

 दुबई। जब आप रेगिस्तान में बरसात की ख्वाहिश करते हैं तो उदासी, मायूसी और दुख ही मिलता है। कुछ ऐसी ही उम्मीद भारतीय प्रशंसकों ने पहले भारतीय टीम और बाद में अफगानिस्तानी टीम से की। मेंटर महेंद्र सिंह धौनी, मुख्य कोच रवि शास्त्री, कप्तान विराट कोहली और उप कप्तान रोहित शर्मा जैसे होनहारों के सहारे टीम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रेगिस्तान में टी-20 विश्व कप ट्राफी जीतने के लिए गई थी, लेकिन यह टीम अपना आखिरी लीग मैच खेलने से पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।

अब टीम सोमवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में अपना आखिरी मुकाबला कमजोर नामीबिया के खिलाफ खेलेगी। यह विराट कोहली का टी-20 का कप्तान के तौर पर आखिरी मुकाबला होगा। संभवत: कप्तान रहते हुए यह उनका सीमित ओवरों (वनडे भी) का भी आखिरी मुकाबला होगा, क्योंकि बीसीसीआइ सफेद गेंद के क्रिकेट के लिए नया कप्तान घोषित करेगा। ग्रुप-एक से इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। यह लगातार तीसरा अवसर है, जब न्यूजीलैंड ने भारत की खिताब जीतने की उम्मीदों पर पानी फेरा है। इससे पहले उसने वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत को हराया था।

टीम का आत्मविश्वास गिरा

भारतीय टीम जब अपनी मेजबानी में यहां पर आई थी तो उसे ट्राफी का दावेदार माना जा रहा था। बीसीसीआइ ने मेंटर के तौर पर टीम के साथ धौनी को जोड़ा था। कुछ लोग इसे तुरुप की चाल मान रहे थे तो कुछ का मानना था कि उसे शास्त्री और कोहली के फैसलों पर विश्वास नहीं है। हालांकि, जो लोग धौनी को जानते हैं उन्हें पता है कि वह दूसरों के काम में बहुत ज्यादा टोका-टोकी नहीं करते हैं। इसके कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी हैं। जो भी हो विराट की कप्तानी में भारत ने 2017 चैंपियंस ट्राफी, 2019 विश्व कप, 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और 2021 टी-20 विश्व कप में भाग लिया और चारों में आइसीसी ट्राफी जीतने से चूक गया। हालांकि, चूक गया शब्द सही नहीं होगा, क्योंकि मुझे लगता है कि इन चारों में हम खराब प्रदर्शन नहीं, बल्कि लचर फैसलों के कारण हारे हैं।

अफगानिस्तान के मैच पर टिकी थी उम्मीद

दो बार वनडे विश्व कप, एक बार टी-20 विश्व कप और दो बार चैंपियंस ट्राफी जीतने वाली टीम इंडिया की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अफगानिस्तान के भरोसे रहना पड़ा। पूरी भारतीय टीम रविवार को होटल में अफगानिस्तान-न्यूजीलैंड का मैच देख रही थी। भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने मैच शुरू होने से पहले अफगानिस्तान की जीत के लिए ट्वीट किया। नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले भारत को रविवार को आइसीसी अकादमी में वैकल्पिक अभ्यास करना था, लेकिन जैसे ही अफगानिस्तान हारी वैसे ही टीम इंडिया ने अभ्यास रद कर दिया। उसे भी पता था कि अब अभ्यास करके क्या फायदा।

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नए दौर की शुरुआत

नामीबिया के खिलाफ मैच के बाद मुख्य कोच रवि शास्त्री, गेंदबाजी कोच भरत अरुण, क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर का करार खत्म हो जाएगा। राहुल द्रविड़ 17 तारीख से शुरू हो रही न्यूजीलैंड सीरीज से मुख्य कोच के तौर पर टीम के साथ जुड़ जाएंगे। सूत्रों के अुनसार रोहित शर्मा वनडे और टी-20 के कप्तान बनेंगे। हालांकि, इस होड़ में केएल राहुल भी हैं। फिलहाल विराट टेस्ट कप्तान बने रह सकते हैं। विराट ने विश्व कप से पहले ही कह दिया था कि वह इस टूर्नामेंट के बाद सबसे छोटे फार्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। हालांकि, अब वह वनडे की कप्तानी भी छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। कुल मिलाकर टीम इंडिया का नया दौर शुरू होने वाला है। अब भारत को 2022 में आस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप, 2023 में भारत में होने वाले वनडे विश्व कप और उसी साल लंदन में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल को जीतने पर ध्यान लगाना होगा।

चार साल का साथ

कोहली बतौर कप्तान और शास्त्री बतौर कोच लगभग चार साल से एक साथ काम कर रहे थे। वैसे शास्त्री पहली बार टीम इंडिया के साथ 2014 में बतौर डायरेक्टर के रूप में जुड़े थे। साल 2017 में शास्त्री को टीम इंडिया का पूर्णकालिक कोच नियुक्त किया गया था। शास्त्री और कोहली की जोड़ी में भारत ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। आस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना हो या फिर भारत को लगातार नंबर टेस्ट टीम बनाए रखना। टीम इंडिया विदेशी धरती पर लगातार अच्छा खेली। पहली एशियाई टीम बनी जिसने आस्ट्रेलिया को आस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज हराई।

::: नंबर गेम :::

-1992 के बाद पहली बार किसी विश्व कप के लीग दौर का एक मैच रहते हुए भारतीय टीम ग्रुप स्तर से बाहर हुई

-2007 में वेस्टइंडीज में हुए वनडे विश्व कप में टीम इंडिया पहले दौर से ही बाहर हो गई थी। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में टीम इंडिया को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। संयोग की बात है कि अब वही द्रविड़ भारत के कोच होंगे

-2007 में टी-20 विश्व कप का शुरुआती संस्करण जीतने वाली भारतीय टीम 2009 में इंग्लैंड में सेमीफाइनल में पहुंची। 2010 और 2012 में टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंची। 2014 में टीम फाइनल तो 2016 में सेमीफाइनल में हारी

-2013 में आखिरी बार भारत ने कोई आइसीसी ट्राफी जीती थी। तब धौनी की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को हराकर टूर्नामेंट जीता था। उसके बाद उसे 2017 में चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में पाकिस्तान से, 2019 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में और 2021 डब्ल्यूटीसी फाइनल में न्यूजीलैंड से मात मिली। इस बार टीम पहले ही दौर से बाहर हो गई