छात्रों ने कहा, स्कूल बंद कर आनलाइन कक्षाएं संचालित करना विकल्प नहीं

 

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण स्कूल बंद हैं।
छात्रों ने कहा कि आफलाइन कक्षाओं में शिक्षक हर एक छात्र पर ध्यान देेते थे। लेकिन आनलाइन कक्षाओं में 45 मिनट की कक्षा में हर एक छात्र पर ध्यान देना शिक्षक के लिए भी चुनौती है। इसके साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या है।

नई दिल्ली । कोरोना महामारी के चलते राजधानी में लगभग डेढ साल से स्कूल बंद हैं। इधर शिक्षा निदेशालय ने एक नवंबर से सभी स्कूलों को खोले जाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन, राजधानी में दूूषित वायु प्रदूषण के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने को कहा है। दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के मुताबिक इसका सबसे ज्यादा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। छात्रों ने कहा कि आफलाइन कक्षाओं में शिक्षक हर एक छात्र पर ध्यान देेते थे। लेकिन, आनलाइन कक्षाओं में 45 मिनट की कक्षा में हर एक छात्र पर ध्यान देना शिक्षक के लिए भी चुनौती है। इसके साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि उनके कई सहपाठियों के पास आज भी स्मार्टफोन नहीं है। स्कूल बंद होने की सबसे ज्यादा कीमत वंचित वर्ग के छात्रों को चुकानी पड़ रही है। छात्रों ने कहा कि वायु प्रदूषण के रोकथाम पर पहले से ही विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी। उनके मुताबिक स्कूल बंद रखने से उनमें अब आत्मविश्वास की कमी हो रही है। इसलिए स्कूल बंद रख कर आनलाइन कक्षाएं संचालित करना विकल्प नहीं है।

लाकडाउन लगते समय मैंने छठीं कक्षा के पेपर दिए थे और तब से इंतजार था अपनी नई कक्षा में पढ़ने का, दोस्तों से मिलने का। अब एक नवंबर से स्कूल खुले तो थे, लेकिन वायु प्रदूषण के कारण फिर से बंद हो गए। अब पता नहीं स्कूल कब खुलेंगे। सरकार से मेरी प्रार्थना है कि जल्द ही इस वायु प्रदूषण को समाप्त करने का कोई स्थाई तरीका निकाले। यदि हम उसमें कोई योगदान दे सकते है तो हम अवश्य करेंगे बस जल्द ही स्कूल खुले।

सय्यद मो. अली, कक्षा आठ, छात्र

कोरोना के बाद अब वायु प्रदूषण के कारण स्कूल फिर से बंद हो गए थे। मन में उदासी आ गई है पता नहीं कब प्रदूषण खत्म होगा और हम स्कूल वापस जा पाएंगे। मेरा सरकार से निवेदन है कि इस समस्या का निवारण जल्द ही करे ताकि हम फिर से स्कूल जा सके।

मो. अनस, कक्षा सात, छात्र

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है। अब जब तक ये स्थिति नियंत्रित नहीं होती तब तक स्कूलों को बंद रखना ही सही रहेगा। चूंकि वायु प्रदूषण की ये स्थिति हर बार रहती है ऐसे में सरकार को इस प्रदूषण से निपटने के लिए स्थाई तौर पर तैयारी करनी चाहिए। वहीं, प्रदूषण की स्थिति का आंकलन करने के बाद ही स्कूलों को खोलना चाहिए।