दिल्ली-एनसीआर में छाए बादल, देश के इन हिस्सों में आज होगी जमकर बारिश, जारी हुआ अलर्ट

 


दक्षिण भारत के कई राज्यों में गुरुवार को हुई तेज बारिश, फिर जारी हुआ है अलर्ट
बुधवार को तमिलनाडु पुडुचेरी और कराईकल और तटीय आंध्र प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई। 18 नवंबर को उत्तर तमिलनाडु पुडुचेरी और कराईकल और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई।

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस सप्ताह दिल्ली-एनसीआर का न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री तक जाने की उम्मीद है। देश के बाकी हिस्सों के मौसम की बात करें तो दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश के हालात बने हुए हैं। बारिश के चलते तमिलनाडु में रेड अलर्ट जारी किया गया है। चेन्नई में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी हुए रेड अलर्ट के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार को जमकर बारिश हुई और अभी भी होने के आसार हैं।आइएमडी के अनुसार चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और रानीपेट में गुरुवार को तट के आसपास कम दबाव के कारण भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने पहले भविष्यवाणी की थी कि तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में अगले 24 घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय क्षेत्र रायलसीमा और उत्तरी तमिलनाडु के आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना ह

मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों के दौरान तटीय और दक्षिण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ अधिकांश स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अगले तीन दिनों तक रायलसीमा में बारिश की संभावना बनी हुई है।

बुधवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और तटीय आंध्र प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई। 18 नवंबर को उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई।

बता दें कि इस सप्ताह के दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। मछुआरों को तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।