कानपुर: रेलवे अधिकारियों को बैंड बांधकर बना रहे बालमित्र, जानिए क्या है चाइल्ड लाइन का दोस्ती अभियान

 

बचपन बचाने को रेलवे चाइल्ड लाइन चला रहा अभियान।
चाइल्ड लाइन से दोस्ती कार्यक्रम के अंतर्गत रेलवे चाइल्ड लाइन कानपुर और सुभाष चिल्ड्रन सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में रेलवे स्टेशन पर लोगों को बालमित्र बनाने का अभियान अनवरगंज स्टेशन से शुरू किया है। अभियान के तहत बैंड बांधकर बच्चों के शोषण के प्रति जागरुक किया जाएगा।

कानपुर,  संवाददाता। बचपन बचाने के लिए रेलवे चाइल्ड लाइन ने दोस्ती अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों को बैंड बांधकर बच्चों के शोषण के प्रति जागरुक किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यकर्ता यात्रियों को भी बाल शोषण के प्रति आवाज उठाने को प्रेरित करेंगे।

चाइल्ड लाइन से दोस्ती कार्यक्रम के अंतर्गत रेलवे चाइल्ड लाइन कानपुर और सुभाष चिल्ड्रन सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में रेलवे स्टेशन पर लोगों को बालमित्र बनाने का अभियान अनवरगंज स्टेशन से शुरू हुआ। इसी क्रम में बुधवार को सेंट्रल स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रेलवे चाइल्ड लाइन के निदेशक कमलकांत तिवारी ने बताया कि बाल श्रम और बाल शोषण के विरोध में रेलवे स्टेशन पर अभियान चलाया जा रहा है। बालश्रम को जड़ से समाप्त करने, देश के भविष्य को सुरक्षित करने और नवजात शिशुओं को बचाने के लिए लोगों को चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 की जानकारी दी गई। रेलवे चाइल्ड लाइन समन्वयक गौरव सचान ने बताया कि चाइल्ड लाइन से दोस्ती कार्यक्रम के क्रम में हस्ताक्षर अभियान का चलाया जा रहा है। इस दौरान लोगों से अपील की जाएगी यदि मुसीबत में फंसा हुआ कोई बच्चा दिखाई दे तो उसकी मदद के लिए पहले तो स्वयं आगे आएं। स्वयं मदद करने की स्थिति न बने तो पुलिस अथवा चाइल्ड लाइन के निशुल्क नंबर पर सूचना दें ताकि समय रहते बच्चे की मदद की जा सके। अभियान के दौरान आरपीएफ, जीआरपी के लोगों से मुलाकात कर उन्हें बैंड बांधे गए और संकल्प लिया गया। रेलवे अधिकारियों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके साथ ही आटो, टेंपो, कुली, वेंडर सभी को इसमें शामिल किया जाएगा।