कोविड निगेटिव रिपोर्ट के बाद भी बरेली के युवक को शारजाह की फ्लाइट में नहीं बैठने दिया, जानेंं क्या रही वजह

 

किला निवासी शख्स ने लैब की लापरवाही के चलते मानसिक, शारीरिक व आर्थिक नुकसान के खिलाफ सीएमओ से की शिकायत
 कोरोना जांच रिपोर्ट देने में शहर की एक निजी लैब की लापरवाही किला निवासी शख्स पर भारी पड़ गई। कोविड निगेटिव होने के बावजूद गलत समय की रिपोर्ट होने की वजह से शख्स को शारजाह की फ्लाइट में नहीं बैठने दिया गया।

बरेली : कोरोना जांच रिपोर्ट देने में शहर की एक निजी लैब की लापरवाही किला निवासी शख्स पर भारी पड़ गई। कोविड निगेटिव होने के बावजूद गलत समय की रिपोर्ट होने की वजह से शख्स को शारजाह की फ्लाइट में नहीं बैठने दिया गया। मानसिक, शारीरिक व आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए पीड़ित ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मामले में शिकायत करते हुए संबंधित निजी लैब के खिलाफ कार्रवाई और नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।

शहर के किला क्षेत्र निवासी आरिज फरीद कुरैशी ने नामी एसआरएल पैथोलोजी लैब के खिलाफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पास शिकायत दी है। इसमें बताया कि उसे आवश्यक कार्य की वजह से शारजाह जाना था। चूंकि फ्लाइट के लिए 48 घंटे के अंदर की रिपोर्ट जरूरी है, ऐसे में सिविल लाइंस स्थित एसआरएल लैब पर आरटी-पीसीआर जांच के लिए सैंपल देने पहुंचा। 18 अक्टूबर की दोपहर 12.11 बजे लैब में आरटी-पीसीआर सैंपल दिया। बकौल आरिज नमूना लेने वाले लैब स्टाफ को बताया था कि शारजाह की फ्लाइट 20 अक्टूबर को सुबह दस बजे है। स्टाफ ने अपनी फीस लेकर सुनिश्चित किया था कि रिपोर्ट सैंपल देने और फ्लाइट प्रस्थान के बीच सरकार की ओर से निर्धारित 48 घंटे में दे दी जाएगी।

दोपहर की जगह सुबह छह बजे दिखा दिया सैंपल लेने का समय : आरिज के मुताबिक लैब से आरटी-पीसीआर की जो रिपोर्ट मिली, इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गया। यहां से शारजाह की फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट पहुंचा। इस पर एयरलाइंस के स्टाफ ने जब आरटी-पीसीआर रिपोर्ट चेक की, इस पर पता चला कि रिपोर्ट में दोपहर 12.11 बजे की जगह सैंपल देने का समय 18 अक्टूबर की सुबह छह बजे का दर्ज कर दिया गया है। इसके मुताबिक 48 घंटे से ज्यादा समय हो चुका था, ऐसे में वहां रिपोर्ट अमान्य मानी गई और एयरलाइंस स्टाफ ने पीड़ित को हवाई यात्रा कराने से मना कर दिया।

23 हजार रुपये भरपाई का वादा कर टहला रहे लैब वाले : पीड़ित ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी शिकायत में बताया कि गलत रिपोर्ट की वजह से उन्हें अनावश्यक रूप से दिल्ली तक का दोहरा सफर करना पड़ा। यही नहीं एयरपोर्ट पर भी शारीरिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा हवाई यात्रा का टिकट समेत 23 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। मामले की शिकायत वापस लौटकर 21 अक्टूबर को लैब में की। जिसके बाद लैब संचालक अर्जुन कक्कड़ ने आर्थिक नुकसान की भरपाई का वादा किया। लेकिन तब से आरोपित टहला रहे हैं। बरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलवीर सिंह ने बताया कि मामले में शिकायती पत्र के आधार पर जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर जरूरी समाधान कराया जाएगा।