राजस्थान के मंत्री ने कहा-हेमा मालिनी बुजुर्ग हो गईं, अब कट्रीना कैफ के गालों जैसी सड़कें बनें

बालीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी और कट्रीना कैफ। फाइल फोटो
राजस्थान के ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि बालीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी बुजुर्ग हो गईं अब कट्रीना कैफ के गालों जैसी सड़कें बनें। राजनेताओं द्वारा इस तरह के बयान देना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले लालू प्रसाद यादव इसी तरह के बयान दे चुके हैं।

जयपुर,  संवाददाता। अपने बयानों के कारण हमेशा विवादों में रहने वाले राजस्थान के ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने बुधवार को नया विवादास्पद बयान दिया है। दो दिन पहले राज्यमंत्री बनते ही अपने निर्वाचन क्षेत्र उदयपुरवाटी में पहुंचे गुढ़ा से लोगों ने खराब सड़कों की शिकायत की तो उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके जोशी से कहा कि मेरे गांव में बालीवुड अभिनेत्री कट्रीना कैफ के गालों जैसी सड़कें बननी चाहिए। गुढ़ा ने पहले तो कहा कि सड़क बालीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी के गालों जैसी बननी चाहिए। फिर कुछ देर बाद खुद ही बोले, हेमा मालिनी तो अब बुजुर्ग हो गई हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से पूछा कि आजकल फिल्मों में कौन सी अभिनेत्री ज्यादा चर्चित है।

लोगों ने कट्रीना कैफ को ज्यादा चर्चित बताया तो राजेंद्र गुढ़ा ने लोगों से कहा हेमा मालिनी तो अब बुजुर्ग हो गईं, कट्रीना कैफ के गालों जैसी सड़क बननी चाहिए। गुढ़ा बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय बसपा के छह विधायकों को एक साथ लेकर गुढ़ा कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है। उनके शेष पांच साथियों को संसदीय सचिव बनाए जाने की चर्चा है।

उल्लेखनीय है कि राजनेताओं द्वारा इस तरह के बयान देना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव इसी तरह के बयान दे चुके हैं। 2005 में लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि बिहार की सड़कें हेमा मालिनी के गालों की तरह बनेंगी। इसी तरह के बयान कई अन्य राज्यों के नेता भी दे चुके हैं। तब इन बयानों पर काफी राजनीति हुई थी। अब राजस्थान के नए मंत्री के इस बयान पर भी प्रदेश और देश में राजनीति गरमाने की संभावना है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर गहलोत सरकार पर निशाना साध सकता है। अब देखना यह है कि कि राजस्थान में क्या कट्रीना कैफ के गालों जैसी सड़कें बन पाएंगी