इतालवी फर्म लियोनार्डो से सरकार ने सर्शत हटाया प्रतिबंध, अब नए सिरे से हो सकेगी डील

 

यूपीए काल में हुए घोटाले के बाद इस पर प्रतिबंध लगाया गया था।
भारत सरकार ने इतालवी फर्म लियोनार्डो जिसका पहले नाम फिनमेकेनिका था से प्रतिबंधों को सर्शत वापस ले लिया है। इसके तहत कंपनी से किसी भी तरह की डील दोबारा की जा सकेगी। यूपीए काल में हुए घोटाले के बाद इस पर प्रतिबंध लगाया गया था।

नई दिल्ली (एएनआई)। एक महत्वपूर्ण कदम में भारत सरकार ने 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले के सिलसिले में प्रतिबंधित इतालवी फर्म लियोनार्डो, जिसका पहले नाम फिनमेकेनिका था, के साथ सौदे पर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है। एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार ने सशर्त कंपनी से प्रतिबंध को हटाया है। इसका एक अर्थ ये भी है कि अब सरकार इस कंपनी के साथ दोबारा डील कर सकती है। 

इस फैसले के अनुसार केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कंपनी के खिलाफ जांच जारी रहेगी। सूत्रों का कहना है कि कंपनी को पहले हस्ताक्षरित किसी भी समझौते के आधार पर भारत सरकार से कोई वित्तीय दावा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और प्रतिबंध हटने के बाद इसे नए सिरे से शुरू करना होगा। गौरतलब है कि भारत ने यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान 2013-14 में कंपनी के साथ सौदे पर रोक लगा दी थी, जब यूरोपीय एजेंसियों ने वीवीआईपी को लाने के लिए भारत को 12 एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए 3600 करोड़ रुपये के सौदे में घूस मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने इतालवी फर्म के अनुरोध और कानून मंत्रालय और अन्य एजेंसियों से परामर्श के आधार पर यह फैसला किया है। भले ही भ्रष्टाचार का मामला केवल अगस्ता वेस्टलैंड से संबंधित था, लेकिन पूरे समूह फिनमेकेनिका के साथ ही किसी तरह के रक्षा सौदे पर रोक लगा दी गई थी। इसमें ब्लैक शार्क टारपीडो के सौदे भी शामिल थे जिन्हें उस समय भारतीय नौसेना द्वारा अधिग्रहित करने की मंजूरी दी गई थी। बता दें कि फिनमेकेनिका के साथ सामने आए घूसखोरी के मामले में यूपीए सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। विपक्ष ने भी इस मामले को जबरदस्‍त तरीके से उठाया था। इस मामले की गूंज न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी सुनाई दी थी।