महबूबा मुफ्ती के ब‍िगड़े बोल, कहा - अगर हैदरपोरा जैसी घटनाएं जारी रहीं तो आना वाला वक्त बहुत खराब होगा

 

पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती
उन्होंने कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण व स्थायी समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की भी वकालत की। हैदरपोरा में गत दिनों एक मुठभेड़ हुई नागरिक मौतों से संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बहुत बुरा हुआ है यहां जुल्म की इंतहा हो गई है।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को अनुच्छेद 370 की पुनर्बहाली तक अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को हैदरपोरा में हुई नागरिक मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हिंसक घटनाएं विशेषकर हैदरपोरा जैसी घटनाएं यूं ही जारी रहीं तो आने वाला वक्त बहु़त ही खराब होगा।

वह आज कुपवाड़ा में स्थानीय जन प्रतिनिधिमंडलों और पीडीपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं की एक बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण व स्थायी समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की भी वकालत की। हैदरपोरा में गत दिनों एक मुठभेड़ हुई नागरिक मौतों से संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बहुत बुरा हुआ है, यहां जुल्म की इंतहा हो गई है। उपराज्यपाल को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यहां जो निजाम हैं, वह उसके प्रमुख हैं। दिल्ली की सरकार के भी वह जम्मू कश्मीर में प्रतिनिधि हैं। यहां के लोगों के जान-माल की हिफाजत की जिम्मेदारी उनकी है। अगर इस तरह की कोई घटना होती है तो उसके जिम्मेदार वही होंगे। तीन बेकसूरा नागरिक मारे जाते हैं और फिर उन्हें आतंकियों को ओवरग्राउंड वर्कर बताया जाता है, उन्हें हाईब्रिड आतंकी कहा जाता है। उसके बाद उनके परिजनों को उनकी लाशों के लिए भीख मांगनी पड़ी है।

महबूबा मुफती ने कहा कि तीसरे युवक आमिर मागरे की लाश उसके परिजनेां को नहीं दी गई है। उसके पिता को आतंकी को मारने पर सम्मानित किया गया है और अाज वह अपने बेटे की लाश के लिए भटक रहा है। मेरा मानना है कि इस तरह के जुल्मो सितम से हालात सुधरेंगे नहीं बल्कि और बिगड़ेंगे। इनसे जम्मू कश्मीर और दिल्ली के बीच की दूरियां बढ़ेंगी। अगर यहां यूं ही हिंसा जारी रही, इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी, तो आने वाला वक्त बहुत खराब होगा। उन्होंने कहा कि यहां लोगों की मानसिकता अब पूरी तरह बदल चुकी है, वह बहुत निराश हैं ,क्योंकि वह अब हैदरपोरा जैसी घटनाओं की न जांच की मांग करते हैं और दो दोषियों के लिए दंड मांगते हैं।

कृषि सुधार कानूनों केा वापस लिए जाने के बाद अनुच्छेद 370 की पुनर्बहाली की संभावना संबंधी सवालके जवाब में उनहोंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी बदकिस्मती यह है कि हमारे पास उत्तर प्रदेश और पंजाब की तरह सैंकड़ों संसदीय सीटें हैं। हमारे पास लददाख की एक सीट मिलाकर मात्र पांच सीटे हैं,जिससे हम संसद में प्रभावी हो पाएं। मेरा मानना है कि दुनिया में कोई चीज नामुमकिन नहीं है। भाजपा को अनुच्छेद 370 हटाने में 70 साल लगे,इसलिए हो सकता है कि हमें 70 महीने लंगे या 70 दिन, हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे। हमारे मुल्क को जो वादा है जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ, जिसको इस मुल्क के संविधान ने दिया है, हम उसे दोबारा बहाल करने के लिए हम तब दोबारा संघर्ष करेंगे जब तक अनुच्छेद 370 और 35ए की पुनर्बहाली के साथ साथ कश्मीर मसले को हल न किया जाए।

महबूबा को फिर जागा पाक प्रेम

कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इसके बगैर कोई कोई चारा नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार की पाकिस्तान के साथ पर्दे के पीछे बातचीत का दावा करते हुए कहा कि करतारपुर कारिडोर दोबारा खोला गया तो क्या उसके लिए हमने पाकिस्तान से बातचीत नहीं हुई। बातचीत तो वाजपेयी ने भी की थी जो भाजपा के सबसे बड़े नेता था। बातचीत के बिना कोई दूसरा विकल्प नहीं है।