बच्चों को बचाएं प्रदूषण और ठंड से, ऐसी रखें डाइट का खास ख्याल

 


च्चों को सुरक्षित रखने के लिए डाइट में मौसमी फल व सब्जियों को शामिल करें
द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट(टेरी) के एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही बच्चे घुटन महसूस करते हैं और सर्दी में यह समस्या और बढ़ जाती है। ये समस्या बच्चों को सांस व हृदय रोगों की तरफ धकेल रही है।

 नई दिल्ली।  अब सुबह-शाम ठंड होने लगी है और दिन-रात के तापमान में फर्क आ गया है। ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी बढ़ा है। हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ने से इसका स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों का खास खयाल रखना बहुत जरूरी हो गया है। उन्हें ठंड और प्रदूषण दोनों से बचाना होगा, क्योंकि जरा सी लापरवाही में उनकी तबीयत बिगड़ते देर नहीं लगेगी।

हर शहर है प्रदूषण की चपेट में: दिल्ली, लुधियाना, पटियाला, पंचकुला, विशाखापत्तनम और जैसलमेर जैसे शहरों की बात छोड़ दें तो नवंबर माह की शुरुआत से ही वायुमंडल में नमी के चलते वायु प्रदूषण ने देश के अधिसंख्य शहरों को प्रभावित किया है। द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट(टेरी) के एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही बच्चे घुटन महसूस करते हैं और सर्दी में यह समस्या और बढ़ जाती है। ये समस्या बच्चों को सांस व हृदय रोगों की तरफ धकेल रही है।

कुछ धातुएं हवा को बना देती हैं जहरीला: कुछ धातुएं मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद जहरीली हैं। इनके संपर्क से स्वास्थ्य पर खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। इस मौसम में हवा में जिंक और लेड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। हवा में कैडमियम और आर्सेनिक की मात्रा में वृद्धि से समय के साथ कैंसर, गुर्दे की समस्या, हाई ब्लडप्रेशर, डायबटीज व हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दियों के दौरान बच्चों में सुबह के समय त्वचा पर लाल चकत्ते निकलना, अस्थमा, खांसी और कफ की शिकायतें भी बड़ी संख्या में सामने आती हैं।

डाइट का रखें खयाल: बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए डाइट में मौसमी फल व सब्जियों को शामिल करें और गुड़ व हल्दी युक्त दूध का सेवन भी कराएं। इससे उनकी इम्युनिटी मजबूत रहेगी और सर्दी से बचाव होगा।