पहली बार सीमाओं की चुनौतियों का विश्लेषण करने के लिए आयोजित होगा तीन दिन का सेमिनार

 

पहली बार सीमाओं की चुनौतियों का विश्लेषण करने के लिए आयोजित होगा तीन दिन का सेमिनार
राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत अपनी सीमाओं पर विभिन्न प्रकार की उभरती चुनौतियों का विश्लेषण करने के मकसद से पहला राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार 8 नवंबर से शुरू कर रहा है। यह सम्मेलन 8-10 नवंबर तक चलेगा।

नई दिल्ली, एएनआइ। भारत की सीमाओं पर उभरती चुनौतियों पर पहली बार 3 दिवसीय सेमिनार आयोजित होने जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत अपनी सीमाओं पर विभिन्न प्रकार की उभरती चुनौतियों का विश्लेषण करने के मकसद से पहला राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार 8 नवंबर से शुरू कर रहा है। यह सम्मेलन 8-10 नवंबर तक चलेगा।

सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने कहा कि यह सेमिनार में मौजूदा गतिशील परिदृश्य में व्यापक परिचालन योजना के साथ-साथ मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सुधार विश्लेषण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सशस्त्र सीमा बल (SSB), भारतीय तटरक्षक बल और विभिन्न राज्य पुलिस संगठनों के अधिकारियों के साथ पूर्वी और पश्चिमी सिनेमाघरों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। 8 नवंबर से लेकर 10 नवंबर को समाप्त होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य बीएसएफ की परिचालन क्षमता को बढ़ाना और तालमेल बिठाना है।

बीएसएफ कश्मीर घाटी में घुसपैठियों के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। उत्तर पूर्व क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी, ओडिशा- छत्तीसगढ़ राज्यों में नक्सल विरोधी अभियान, और पाकिस्तान और बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चेक पोस्ट की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं। बीएसएफ ने तीन दिन सम्मेलन के एलान करते हुए कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हमारी सीमाओं पर विभिन्न उभरती चुनौतियों का विश्लेषण करने और मौजूदा गतिशील परिदृश्य में एक व्यापक परिचालन योजना तैयार करने के उद्देश्य से अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार बीएसएफ में आयोजित किया जा रहा है। बता दें कि वर्तमान में बीएसएफ (BSF) के पास 192 (तीन NDRF सहित) बटालियन और सात BSFआर्टि रेजिमेंट हैं, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा की रखवाली कर रहे हैं।

बीएसएफ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने साथ सीमा पार अपराधों को रोकता है। इसके साथ हीअनधिकृत प्रवेश या भारत के क्षेत्र से बाहर निकलने के साथ-साथ तस्करी और किसी भी अन्य अवैध गतिविधि को रोकता है।