पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद राहुल रैंसवाल की प्रतिमा का चंपावत में हुआ अनावरण

 

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद राहुल रैंसवाल की प्रतिमा का चंपावत में हुआ अनावरण
पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद राहुल रैंसवाल की प्रतिमा का बुधवार को जीआइसी परिसर में अनावरण कर दिया। पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा संग शहीद के माता पिता ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद प्रतिमा का अनावरण किया। सभी ने प्रतिमा पर फूल पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

चम्पावत, संवाददाता : पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद राहुल रैंसवाल की प्रतिमा का बुधवार को जीआइसी परिसर में अनावरण कर दिया। पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा संग शहीद के माता पिता ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद प्रतिमा का अनावरण किया। सभी ने प्रतिमा पर फूल पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शहीद राहुल की मां हरु देवी भावुक हो उठी और फूट-फूट कर रोने लगी। पंडित ईश्वरी दत्त ओझा व खिलानंद पांडेय ने विधिवत पूजा अर्चना कराई। बाद में पालिकाध्यक्ष ने शहीद के पिता विरेंद्र सिंह रैंसवाल, पत्नी पिंकी धामी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।18 कुमाऊं के राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात फौजी राहुल रैंसवाल की पिछले साल 21 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के पंपोर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहादत हो गई थी। शहीद होने से पहले 25 वर्षीय रैंसवाल ने एक आतंकी को भी मार गिराया था। पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा ने कहा कि शहीद राहुल के बलिदान को देश कभी नहीं भुला पाएगा। उन्होंने क्षेत्र का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। उनकी प्रतिमा से स्कूल आने वाले बच्चे प्रेरित होंगे। प्रतिमा काफी समय पूर्व आ गई थी लेकिन गेट का निर्माण पूर्ण न होने के कारण अनावरण में देरी हो रही थी। शहीद के पिता की मांग पर मूर्ति का अनावरण किया गया। बाद में विधिवत कार्यक्रम का इसका उद्घाटन किया जाएगा।

मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने राजकीय इंटर कॉलेज का नाम भी शहीद राहुल सिंह रैंसवाल के नाम पर किया है। कॉलेज परिसर में गेट के समीप प्रतिमा लगाने का जिम्मा नगरपालिका ने उठाया था। प्रतिमा का अनावरण 15 अगस्त को करने की योजना थी, लेकिन कोविड काल के चलते प्रतिमा स्थापित करने में कुछ देरी हो गई। प्रतिमा अनावरण के अवसर पर राहुल के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल व अन्य परिजनों के साथ सभासद मोहन भट्ट, नंदन सिंह तड़ागी, रोहित बिष्ट, सभासद प्रतिनिधि हरशिंकर तिवारी, रोहित कुमार, प्रधानाचार्य केके उपाध्या, शिक्षक जगदीश जोशी, जगदीश लाल शाह समेत समस्त शिक्षक आदि मौजूद रहे।