बुल्लावाला-सत्तीवाला मार्ग को जोड़ने वाला पुल की मांग नहीं हुई पूरी, वैकल्पिक मार्ग भी अधर में लटका

 

बुल्लावाला-सत्तीवाला मार्ग को जोड़ने के लिए सुसवा नदी पर वर्षों पुरानी पुल की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई।
बुल्लावाला-सत्तीवाला मार्ग को जोड़ने के लिए सुसवा नदी पर वर्षों पुरानी पुल की मांग तो अब तक पूरी नहीं हो पाई। वैकल्पिक मार्ग न बनने से स्थानीय किसानों को गन्ना शुगर मिल ले जाने व अन्य कार्यों के लिए लगभग आठ किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।

संवाद सहयोगी, डोईवाला : बुल्लावाला-सत्तीवाला मार्ग को जोड़ने के लिए सुसवा नदी पर वर्षों पुरानी पुल की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई। इतना ही नहीं बल्कि यहां पर बनने वाला वैकल्पिक मार्ग भी अधर पर लटका है। वैकल्पिक मार्ग न बनने से स्थानीय किसानों को गन्ना शुगर मिल ले जाने व अन्य कार्यों के लिए लगभग आठ किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पूर्व तत्कालीन कांग्रेस विधायक हीरा सिंह बिष्ट ने यहां पुल निर्माण का शिलान्यास किया था। जिससे ग्रामीणों को एक उम्मीद जगी थी। उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान भाजपा विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी इस पुल को बनाने की घोषणा की थी। मगर, चार साल उनके मुख्यमंत्री रहते हुए भी इस पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। हर साल बरसात के बाद यहां पर ग्रामीण श्रमदान कर वैकल्पिक मार्ग बनाते थे। जिससे उन्हें आवागमन में सुविधा हो। पिछले वर्ष लोक निर्माण विभाग ने यहां पर ह्यूम पाइप (सीमेंट के बड़े पाइप) डालकर वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था। लेकिन इस बार विभाग ने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया। जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है।

इनका कहना है

बुल्लावाला के किसान ओमप्रकाश कांबोज का कहना है कि ग्रामीण लंबे समय से पुल की मांग कर रहे हैं, पुल तो बना नहीं अस्थायी मार्ग का भी अब तक पता नहीं। जिससे कि स्थानीय ग्रामीणों व किसानों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। बुल्लावाला के किसान राजकुमार पाल का कहना है कि पुल निर्माण को लेकर सिर्फ राजनीति ही होती रही है। लेकिन पुल के संबंध में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। जिस कारण ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुल्लावाला के किसान नवाबुद्दीन का कहना है कि अस्थायी मार्ग न बनने से शुगर मिल में गन्ना ले जाने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। जिससे डीजल के साथ ही समय भी अधिक खर्च हो रहा है।

बुल्लावाला के किसान मकसूद हसन बताते हैं कि सरकार को किसानों की समस्याओं का संज्ञान लेकर पुल का निर्माण करना चाहिए और तब तक वैकल्पिक मार्ग को सुचारू रूप से तैयार कर क्षेत्रवासियों को राहत देनी चाहिए। लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि पुल निर्माण का प्रस्ताव वर्ल्‍ड बैंक को भेजा गया है, अस्थायी मार्ग के लिए जल्द लोक निर्माण विभाग की टीम निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई शुरू करेगी।