संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर सोनिया गांधी के घर संसदीय रणनीति समूह की अहम बैठक

 

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की फाइल फोटो
बैठक में पार्टी की संसदीय रणनीति समूह के नेता शीतकालीन सत्र को लेकर चर्चा कर रहे हैं। इसमें कांग्रेस नेता एके एंटनी आनंद शर्मा मल्लिकार्जुन खड़गे अधीर रंजन चौधरी केसी वेणुगोपाल के सुरेश रवनीत बिट्टू और जयराम रमेश समेत कई अन्य नेता इस बैठक में शामिल हैं।

नई दिल्ली, एएनआइ। संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से पहले कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर 10 जनपथ में पार्टी नेताओं की बैठक हो रही है। बैठक में पार्टी की संसदीय रणनीति समूह के नेता शीतकालीन सत्र को लेकर चर्चा कर रहे हैं। इसमें कांग्रेस नेता एके एंटनी, आनंद शर्मा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल, के सुरेश, रवनीत बिट्टू, और जयराम रमेश समेत कई अन्य नेता इस बैठक में शामिल हैं।

माना जा रहा है कि 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर आज चर्चा होगी। इसके पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि हम संसद के आगामी सत्र में महंगाई का मुद्दा उठाएंगे। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस सार्वजनिक मंचों और संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में 'कोविड कुप्रबंधन' के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की योजना बना रही है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्र को पत्र लिखकर कोविड पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हर राज्य के कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता भी उस राज्य के अपने-अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे जहां कांग्रेस सत्ता में नहीं है।

राहुल गांधी ने शुरू किया कोविड न्याय अभियान

कोरोना के कारण जान गंवाने वाले परिवारों को लेकर कांग्रेस नेता और वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करके 'कोविड न्याय अभियान' शुरू किया है। राहुल गांधी ने भारत सरकार से देश में कोविड से संबंधित मौतों के सही आंकड़े प्रदान करने और चार लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।राहुल गांधी ने हिंदी में ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस पार्टी की दो मांगें हैं - कोरोना मृतकों के सही आंकड़े दिए जाने चाहिए और उन परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।