SpiceJet ने अपने यात्रियों को दी बड़ी सुविधा, अब किस्‍तों में कर सकेंगे हवाई टिकट का भुगतान

 

SpiceJet allows passengers to pay for tickets in instalments
योजना का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को पैन नंबर आधार नंबर या वीआईडी जैसे ब्यौरे देने होंगे और इसे पासवर्ड से सत्यापित करना होगा। ग्राहकों को अपनी यूपीआई आईडी से पहली ईएमआई का भुगतान करना होगा और बाद की ईएमआई उसी यूपीआई आईडी से काट ली जाएगी।

नई दिल्ली, पीटीआइ। SpiceJet के यात्री अब किस्तों में टिकट का पेमेंट कर सकेंगे। एयरलाइन ने सोमवार को एक नई योजना शुरू की, जिसके तहत यात्री टिकट के लिए तीन, छह या 12 किस्तों में भुगतान कर सकेंगे। विमानन कंपनी ने बताया कि शुरुआती ऑफर के तहत ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त लागत (बिना ब्याज) के तीन महीने की EMI के विकल्प का लाभ ले सकेंगे।

मालूम हो कि EMI योजना का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को पैन नंबर, आधार नंबर या वीआईडी जैसे ब्यौरे देने होंगे और इसे पासवर्ड से सत्यापित करना होगा। ग्राहकों को अपनी UPI आईडी से पहली EMI का भुगतान करना होगा और बाद की EMI उसी UPI आईडी से काट ली जाएगी।

SpiceJet के मुताबिक, EMI योजना का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को किसी क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का डिटेल देने की जरूरत नहीं है।

टाटा को हस्तांतरण से पहले Air India के निवर्तमान प्रबंधन द्वारा बकाया भुगतान की उम्मीद

एयर इंडिया के पायलट यूनियनों में से एक- इंडियन पायलट गिल्ड (IPG) ने उम्मीद जताई है कि निवर्तमान प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि विमानन कंपनी के नए मालिक टाटा संस के पास जाने से पहले कर्मचारियों के बकाया निपटान की प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा कर लिया जाएगा। एयर इंडिया के सीएमडी को लिखे एक पत्र में गिल्ड ने कहा कि वह विमानन कंपनी के नए मालिकों के साथ एक नई शुरुआत करने को लेकर ‘‘आशावादी’’ हैं।

पत्र में साथ ही मौजूदा प्रबंधन से कर्मचारियों का ‘‘शोषण’’ नहीं करने का आग्रह किया गया। गिल्ड ने कहा कि शोषण की स्थिति में बड़े पैमाने पर विरोध और औद्योगिक अशांति के हालात बन सकते हैं। आईपीजी के मुताबिक, 2006 के वेतन समझौते के तहत कैप्टन और सह-पायलटों के लिए मासिक लेओवर सब्सिस्टेंस अलाउंस (एलएसए) का प्रावधान किया गया था। इन वर्षों में इस राशि का 25 फीसद को रोक दिया गया, जो अभी भी बकाया है।गिल्ड ने कहा कि इसके अलावा इस वेतन समझौते के तहत ओवरटाइम भुगतान भी लंबे समय से रुका हुआ है। साथ ही 2012 में सभी कर्मचारियों पर गलत और एकतरफा तरीके से 25 प्रतिशत वेतन कटौती लागू की गई थी।