अब मिल सकेगी 13.5 अरब साल पहले हुई ब्रह्मांडीय घटनाओं की जानकारी, कल लांच होगा नासा का जेम्स वेब टेलीस्कोप

 

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की तस्वीरें जारी
नासा ने लांच से पहले जेम्स वेब टेलीस्कोप की तस्वीरें जारी की हैं। यह वेब टेलिस्कोप जल्द ही अंतरिक्ष में लांच होने वाला सबसे शक्तिशाली टेलिस्कोप बनने की कतार में है। इसे फ्रेंच गुयाना स्थित लांचिंग बेस से 25 दिसंबर को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

वाशिंगटन, एजेंसी: नासा ने लांच से पहले जेम्स वेब टेलीस्कोप की तस्वीरें जारी की हैं। यह वेब टेलिस्कोप जल्द ही अंतरिक्ष में लांच होने वाला सबसे शक्तिशाली टेलिस्कोप बनने की कतार में है। मौसम और तकनीक के कारण लांचिंग में देरी का सामना करने के बाद, जेम्स वेब टेलीस्कोप अब पूरी तरह से तैयार है। इसे फ्रेंच गुयाना स्थित लांचिंग बेस से 25 दिसंबर को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

सुलझेंगी ब्रह्माण्ड की गुत्थियां

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, जेम्स वेब टेलीस्कोप एक नई तरह का स्पेस टेलीस्कोप है। जो हबल का सक्सेसर है, वो इंफ्रारेड लाइट के जरिए अंतरिक्ष के छिपे हुए हिस्सों को दिखाएगा। इसे पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा। इस टेलीस्कोप की मदद से हम ग्रह प्रणालियों को मापने और वहां संभावित जीवन की तलाश करने में सक्षम होंगे। साथ ही तारों के निर्माण और आकाशगंगाओं में हो रहे बदलावों पर भी नजर रख पाएंगे। जेम्स वेब टेलीस्कोप 25 दिसंबर 2021 को कौरौ गुयाना के पास स्थित यूरोपीय स्पेसपोर्ट से एरियन 5 राकेट पर लांच किया जाएगा।

सबसे जटिल अंतरिक्ष लेबोरेटरी

नासा के मुताबिक, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप अब तक निर्मित सबसे जटिल अंतरिक्ष लेबोरेटरी है। इसका निर्माण सिलिकान वैली में नासा की विशेषज्ञता के महत्वपूर्ण योगदान से संभव हुआ है। इस टेलीस्कोप के जरिए वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के उन हिस्सों का पता लगाने में मदद मिलेगी जिन्हें पहले कभी नहीं देखा गया। बताया जा रहा है कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप 13.5 अरब साल पहले हुए ब्रह्मांडीय घटनाओं पर रोशनी डालेगा। यह पहली लेबोरेटरी है जो सबसे शुरुआती आकाशगंगाओं की खोज करने में सक्षम है और ब्रह्मांड की हमारी समझ को बदल सकती है। यह टेलीस्कोप अन्य सितारों की परिक्रमा करने वाले ग्रहों के वातावरण का भी अध्ययन करेगा और हमारे अपने सौर मंडल के भीतर चंद्रमा, ग्रह, धूमकेतु और अन्य वस्तुओं का निरीक्षण करेगा। यह डेटा दूर के ग्रहों पर मौजूद अणुओं और तत्वों को दर्शाएगा।