रंगदारी मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की न्यायिक हिरासत 27 दिसंबर तक बढ़ी

 

रंगदारी मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की न्यायिक हिरासत 27 दिसंबर तक बढ़ी
100 करोड़ रुपये के रंगदारी मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। अदालत ने मंगलवार को पूर्व गृह मंत्री देशमुख की न्यायिक हिरासत 27 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दी है।

महाराष्ट्र, एएनआइ। 100 करोड़ रुपये के रंगदारी मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। अदालत ने मंगलवार को पूर्व गृह मंत्री देशमुख की न्यायिक हिरासत 27 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दी है। आपको बता दें कि वर्तमान में वह मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद हैं। एक तरफ जहां, निलंबित सिपाही सचिन वाजे ने आज राज्य द्वारा नियुक्त एक सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति को बताया कि अनिल देशमुख ने पैसे की मांग नहीं की थी, वहीं दूसरी तरह देशमुख कि मुश्किलें कम होने कि बजाय और बढ़ गई हैं।

सचिन वाजे ने क्या कहा अपने बयान में

निलंबित सिपाही सचिन वाजे ने उच्च स्तरीय जांच समिति को दिए गए बयान में कहा कि अनिल देशमुख ने कभी भी 100 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग नहीं की थी, जिसके बाद इस मामले में नया मोड़ लेने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने चांदीवाल आयोग को बताया, 'हमने शहर में बार या होटल मालिकों या उनके रिश्तेदारों से कभी पैसा नहीं लिया।' सचिन वाजे के इस बयान के बाद आयोग उनके बयानों की जांच कर रहा है और मामले कि तह तक जाने कि कोशिश में लग गया है।

आपको बता दें कि यह गवाही इस मामले के बहुत जरुरी हो गई क्योंकि इससे देशमुख के लिए 'क्लीन चिट' मिलने का रास्ता खुल सकता है, जो वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में है।

न्यायमूर्ति कैलाश चांदीवाल के सामने पेश हुए वजे और देशमुख

मंगलवार को वजे और देशमुख को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) कैलाश चांदीवाल के सामने पेश किया गया, जो पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रहे हैं। आरोप में दावा किया गया है कि देशमुख ने वेज़ को शहर के बार और रेस्तरां से प्रति माह 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली करने का निर्देश दिया था।