बिहार के लिए चुनौती बना 31 दिसंबर तक सवा दो करोड़ से ज्यादा श्रमिकों का निबंधन

 

श्रमिकों का निबंधन बिहार के लिए चुनौती बना है। सांकेतिक तस्वीर।
अब तक एक करोड़ 21 लाख श्रमिकों का ही निबंधन हो पाया है। इनमें से 50.02 प्रतिशत महिलाएं और 49.98 प्रतिशत पुरुष कामगार हैं। हालांकि श्रम संसाधन विभाग पूरा जोर लगाए है कि इस माह के अंत तक निबंधन का लक्ष्य प्राप्त हो जाए।

राज्य ब्यूरो, पटना : राज्य में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत तीन करोड़ 49 लाख श्रमिकों का निबंधन 31 दिसंबर तक होना है, लेकिन अब तक एक करोड़ 21 लाख श्रमिकों का ही निबंधन हो पाया है। इनमें से 50.02 प्रतिशत महिलाएं और 49.98 प्रतिशत पुरुष कामगार हैं। हालांकि श्रम संसाधन विभाग पूरा जोर लगाए है कि इस माह के अंत तक निबंधन का लक्ष्य प्राप्त हो जाए। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और पंचायती राज विभाग को पत्र लिख कर मदद मांगी है। श्रमिकों के निबंधन के लिए श्रम संसाधन विभाग का महा अभियान अब बेअसर दिख रहा है।

  • - 3 करोड़ 49 लाख लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1 करोड़ 21 लाख मजदूरों ने कराया रजिस्टे्रशन
  • - असंगठित क्षेत्र में कार्यरत तीन करोड़ 49 लाख श्रमिकों का निबंधन 31 दिसंबर तक होना है 

    कृषि और निर्माण क्षेत्र में सबसे ज्यादा पंजीकरण 

श्रम संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ई-श्रम पोर्टल पर कृषि और निर्माण क्षेत्र से ज्यादा श्रमिक पंजीकरण करा रहे हैं। इसके अलावा मत्स्य पालन, सड़कों पर रेहड़ी लगाने वाले, घर का कामकाज करने वाले और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े लोग भी पोर्टल पर पंजीकरण करा रहे हैं। कई क्षेत्रों के प्रवासी मजदूरों ने भी पोर्टल पर पंजीकरण में उत्साह दिखाया है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के जरिये प्रवासियों सहित सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को महत्वपूर्ण कल्याण कार्यक्रमों तथा रोजगार योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। हाल के दिनों में रबी फसल लगाने और धान की कटाई का कार्य होनें के चलते श्रमिकों का आमद कामन सर्विस सेंटर पर निबंधन में कम हुआ है। इससे भी श्रमिकों का निबंधन का लक्ष्य पाने में दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि ई-श्रम पोर्टल पर श्रमिकों को रजिस्ट्रेशन करवाने में कोई परेशानी न हों, इसके लिए श्रम संसाधन विभाग ने हेल्प डेस्क बना रखा है और जागरुकता अभियान भी चला रखा है।