कार में 5 लोगों के पास मिला था एक लेडीज पर्स, छानबीन करने होटल में आई तो उड़े नोएडा पुलिस के होश

 

5 लोगों के पास मिला था एक लेडीज पर्स, छानबीन करने होटल में आई तो उड़े नोएडा पुलिस के होश

बृहस्पतिवार को सुबह तीन बजे के आसपास नोएडा के एक होटल की ओर जा रही वैन को पुलिस ने रोका तो उसे भी अंदाजा नहीं रहा होगा कि उनके हाथ यूपीटेट परीक्षा धांधली से जुड़े तार जुड़ने वाले हैं।

नोएडा, आनलाइन डेस्क। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में धांधली करने वालों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के बाद कई बड़े राज सामने आ रहे हैं। इस कड़ी में नोएडा के एक होटल से 18 आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में यह भी पता चला है कि उन्होंने नोएडा को ही क्यों अपना ठिकाना बनाया। इसके साथ यह भी जानकारी सामने आई है कि कैसे पुलिस को इन पर शक हुआ। बृहस्पतिवार को सुबह तीन बजे के आसपास नोएडा के एक होटल की ओर जा रही वैन को पुलिस ने रोका तो उसे भी अंदाजा नहीं रहा होगा कि उनके हाथ यूपीटेट परीक्षा धांधली से जुड़े तार जुड़ने वाले हैं। नाइट कर्फ्यू लगा होने की वजह से नोएडा पुलिस ने कार रोककर उसमें बैठे 5 लोगों से पूछताछ की तो वैन में कुछ अजीब नजर आया। वह था कार में रखा एक लेडीज पर्स। पुलिसवालों के जेहन में सवाल खड़ा हुआ कि 5 पुरुषों वाली उस कार में लेडीज पर्स क्यों और किसलिए?

जवाब मिला तो पुलिस ने पुष्टि करने की सोची। दरअसल, कार में सवार पांचों पुरुषों ने बताया था कि यह पर्स एक महिला का है जो सेक्टर 71 के एक होटल में रुकी है। वहीं, इन पांचों के साथ पुलिस पूछताछ के सिलसिले में होटल पहुंची तो होटल में 13 और लोग थे। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पुलिस ने मौके से 51 सी-टीईटी के प्रवेश पत्र भी बरामद किए। एडमिट कार्ड के अलावा 3 लैपटॉप, 20 सेलफोन भी पुलिस के हाथ लगे। शक बढ़ा तो पुलिस ने उनसे और पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि रैकेट के सदस्यों में से रवि नाम के एक शख्स के पास पेन ड्राइव था, जिसमें कथित तौर पर पेपर की आंसर की थी। रवि मौके से भागने में कामयाब रहा था। 

एसीपी नोएडा रजनीश वर्मा ने बताया कि आमतौर पर परीक्षा वाले दिन सभी एग्जाम सेंटर के आसपास के होटलों में चेकिंग अभियान चलाया जाता है। गिरोह के सदस्यों ने पकड़े जाने के डर से नोएडा को ठगी का केंद्र बनाया था, क्योंकि नोएडा में सीटीईटी की परीक्षा का आयोजन नहीं हो रहा है। बुधवार रात जब पुलिस ने इस मामले में सेक्टर-60 से आरोपितों को हिरासत में लिया था, तो वह सही-सही जवाब नहीं दे पाए थे। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि नोएडा में परीक्षा का सेंटर ही नहीं बनाया गया है। शक गहराने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपित ने सब कुछ बयां कर दिया। आरोपित के कब्जे से 51 छात्रों की लिस्ट बरामद हुई है। बता दें कि सीटीईटी के विभिन्न विषयों के लिए 16 दिसंबर से 13 जनवरी के बीच परीक्षा का आयोजन हो रहा है।

सेक्टर-58 कोतवाली के निशाने पर साल्वर गिरोह

सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस साल्वर गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पूर्व आठ मामले में केस दर्ज करके 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं बृहस्पतिवार को नौवें मामले में 18 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। अबतक साल्वर गिरोह के 38 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जल्द कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है। सीआरपीएफ का सेवानिवृत जवान करता था अभ्यर्थियों से संपर्क कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों में सीआरपीएफ का सेवानिवृत जवान भवानी शर्मा, दिल्ली पुलिस का एएसआइ विकास, सीआरपीएफ का जवान शिवराम सिंह भी शामिल हैं। आरोपित इन्हीं लोगों के माध्यम से अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे। आरोपित खासतौर से शादीशुदा महिलाओं को अपने चंगुल में फंसाते थे। जिनके लिए आमतौर पर परीक्षा पास करना मुश्किल होता है।

प्रवेश पत्र की हो रही जांच

आरोपितों के पास से विभिन्न छात्रों के प्रवेश पत्र भी बरामद हुए हैं। पुलिस की ओर से अब इन छात्रों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही सभी से पूछताछ की जाएगी।