अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, छाप रहा दो हजार के नकली नोट, 8 लाख के नोट बरामद

 

दो साल के दौरान दिल्ली में दो करोड़ से अधिक नकली नोटों की आपूर्ति कर चुके थे आरोपित।
दो साल के दौरान आरोपितों ने दिल्ली में 2 करोड़ से अधिक नकली नोटों की आपूर्ति करने की बात स्वीकारी है। बरामद नकली नोट पाकिस्तान में छपे हुए हैं। इसकी गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि कोई उसे देखकर आसानी से असली व नकली का पता नहीं कर सकता है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो-दो हजार के आठ लाख नकली नोट बरामद किए गए हैं। पिछले दो साल के दौरान आरोपितों ने दिल्ली में 2 करोड़ से अधिक नकली नोटों की आपूर्ति करने की बात स्वीकारी है। बरामद नकली नोट पाकिस्तान में छपे हुए हैं। इसकी गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि कोई उसे देखकर आसानी से असली व नकली का पता नहीं कर सकता है।

डीसीपी स्पेशल सेल जसमीत सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तस्करों के नाम फिरोज शेख और मुफ्फज़ुल शेख है। दोनों मुर्शिदाबाद, बंगाल के रहने वाले हैं। उक्त नकली नोटों को भारत में बांग्लादेश की सीमाओं से मालदा, बंगाल से भेजा जा रहा था। एसीपी अतर सिंह व इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह सेल की टीम ने दोनों काे बुधवार रात कालकाजी मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर फिरोज के पास से पांच लाख व मुफ्फजुल शेख के पास से तीन लाख नकली नोट बरामद किए गए।

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बीते अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सेल को सूचना मिली थी कि मालदा, बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा से बांग्लादेश से भारत में नकली नोटों की बड़ी बड़ी खेप आ आ रहे हैं। सेल की टीम ने तभी से नकली नोटों से जुड़े सिंडिकेटों के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया था। करीब दो महीने के प्रयास के बाद सेल को सफलता मिल गई। फिरोज शेख ने बताया कि उसने बंगाल के मुर्शिदाबाद के सलाम नाम के तस्कर से 8 लाख नकली नोटों की खेप खरीदी थी। उसके बाद दोनों दिल्ली में अपने परिचित के एक शख्स को उक्त नकली नोटों की खेप पहुंचाने के लिए आए थे।

इन्होंने पांच सालों से देश के कई राज्यों में सक्रिय रूप से नकली नोटों की आपूर्ति करने की बात कुबूली। फिरोज शेख ने यह भी बताया कि आपूर्तिकर्ता सलाम, मुर्शिदाबाद में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बांग्लादेश से नकली नोटों की खेप प्राप्त करता है। दोनों उसी से निरंतर नकली नोट खरीद रहे थे। एक लाख रुपये का नकली नोट वे 30 हजार में खरीद कर उसे दिल्ली व अन्य राज्यों में अपने संपर्कों को 40 से 45 हजार में बेचते थे। पिछले दो साल में दोनों ने दिल्ली में 2 करोड़ रुपये से अधिक नकली नोटों की आपूर्ति करने की बात स्वीकारी है।

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सेल का कहना है कि 2016 में नोट बंदी के बाद बांग्लादेश और पाकिस्तान से नकली नोटों के प्रचलन में लगभग एक वर्ष का ठहराव था, लेकिन पिछले करीब चार सालों से कई सिंडिकेट फिर से सक्रिय हो गए हैं और भारत में नकली नोटों की तस्करी और प्रसार करना शुरू कर दिया है। बरामद नोट इतनी अच्छी गुणवत्ता के हैं कि कोई आसानी से असली व नकली होने का पता नहीं कर सकता है। क्योंकि नोटों में लगभग समान सुरक्षा विशेषताएं हैं जैसे बनावट, कागज की अच्छी गुणवत्ता, रंग, सुरक्षा धागा, पानी के निशान आदि।

काठमांडू (नेपाल), बांग्लादेश और भारत में नोट बंदी के बाद नकली नोटों की बड़ी बरामदगी के विभिन्न मामलों की जांच से यह बात सामने आइ है कि नकली नोटों की बड़ी खेप पहले पाकिस्तान से नेपाल और बांग्लादेश में खाड़ी देशों के माध्यम से हवाई मार्ग से लाई जाती है और वहां से अंतरराष्ट्रीय तस्करों द्वारा नेपाल और बांग्लादेश की झरझरा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के माध्यम से भारत में तस्करी की जाती है।