अब राजनीतिक दलों को बताना होगा दागी प्रत्याशियों को टिकट देने का कारण, निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देश

 

राजनीतिक दलों को बताना होगा दागी प्रत्याशियों को टिकट देने का कारण
राजनीतिक दलों को जनता से यह बताना होगा कि उन्होंने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेता को टिकट क्यों दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बुधवार को बताया कि यह नियम पहले सख्ती से लागू नहीं था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के क्रम में इसे कड़ाई से लागू किया जाएगा।

पणजी, आइएएनएस: साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में दागी नेताओं व उन्हें टिकट देने वाले दलों को निर्वाचन आयोग की सख्ती का सामना करना पड़ेगा। राजनीतिक दलों को जनता से यह बताना होगा कि उन्होंने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेता को टिकट क्यों दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बुधवार को बताया कि यह नियम पहले सख्ती से लागू नहीं था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के क्रम में इसे कड़ाई से लागू किया जाएगा।

वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी जानकारी

पणजी में संवाददाताओं से बातचीत में चंद्रा ने कहा, 'राजनीतिक दलों को सार्वजनिक तौर पर यह बताना होगा कि वे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को टिकट क्यों दे रहे हैं। यह स्पष्टीकरण उन्हें पार्टी की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। राजनीतिक दलों को बताना होगा- हमने फलां-फलां को टिकट दिया है.. यह इनका आपराधिक इतिहास है। हम इन्हें इस वजह से टिकट दे रहे हैं। संबंधित क्षेत्र में हमने इनसे बेहतर कोई दावेदार नहीं पाया।'

मतदान केंद्रों की होगी वेबकास्टिंग

सीईसी ने कहा, 'पूर्व में राजनीतिक दल बता देते थे कि दागी प्रत्याशी ने अपने क्षेत्र में काफी सामाजिक काम किए हैं, इसलिए उन्हें टिकट दिया जा रहा है।'आगामी चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने अपनी टीम के साथ गोवा पहुंचे चंद्रा ने कहा, 'मतदाताओं को यह पता होना चाहिए कि पार्टी ने दागी को टिकट क्यों दिया। पार्टी, प्रत्याशी तय करती है, लेकिन अपना प्रतिनिधि तो जनता ही चुनती है। हम सख्ती बरतेंगे और चुनाव की घोषणा के साथ ही एक एप लांच करेंगे।'सीईसी ने कहा कि चुनाव के दौरान इंटरनेट मीडिया की निगरानी की जाएगी। नफरत फैलाने वाली पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी मतदान केंद्रों को वेबकास्ट किया जाएगा। यानी, वहां के वीडियो की वेबसाइट के जरिये निगरानी की जाएगी। ऐसा पहली बार होगा। इसका उद्देश्य मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।