नितिन गडकरी ने किया दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण, बोले-अब होगा मेरठ का विकास

 

मेरठ में गुरुवार को नितिन गडकरी दिल्‍ली मेरठ एक्‍सप्रेस-वे का लोकार्पण किया।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकार्पण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व केंद्रीय राज्‍यमंत्री वीके सिंह भी मौजूद हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि अब मेरठ में विकास होगा।

मेरठ,  संवाददाता। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व केंद्रीय राज्‍यमंत्री वीके सिंह भी मौजूद हैं। इसके पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायकगण ने उनका स्‍वागत किया। इसके पूर्व तीनों मंत्री पहले चिपियाना में रेलवे ओवरब्रिज पहुंचे थे और वहां पर निरीक्षण किया था। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के अवसर पर नितिन गडकरी ने कहा कि पिछली बार मेरठ पुराने रास्ते से आया था लेकिन अब एक्सप्रेस वे से आया। मेरठ वीरों की भूमि है। इस ऐतिहासिक भूमि को दिल्ली से जुड़ने पर विकास होगा। चौधरी चरण सिंह ने किसानों मजदूरों के लिए संघर्ष किया।

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100 फीसद पेट्रोल वाहन इथेनॉल से

अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं ऊर्जा दाता होगा। इथेनॉल से भुगतान आसान हो रहा है। 100 फीसद पेट्रोल वाहन इथेनॉल से चलेंगे। काली नदी के शुद्धिकरण के 682 करोड़ दिए थे जब नमामि गंगे मेरे पास था। पांच साल में उप्र को और परियोजना देंगे। जॉन केनेडी ने कहा था अमेरिका इसलिए धनवान है क्योंकि रास्ते अच्छे हैं। ये रास्ते सुखी सम्पन्न बनाएंगे। इससे पूंजीगत निवेश होता है। डासना से मेरठ एक्सप्रेसवे 6 लेन से 12 होगा, इसलिए इतनी जगह ले रखी है। मेरठ में रिंग रोड के लिए राज्य सरकार जमीन दे तो सड़क हम बना देंगे। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के जरिए मेरठ से दिल्‍ली और दिल्‍ली से मेरठ आना जाना अब सुगम हो गया है।

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नितिन गडकरी की वजह से हमारा भाग्योदय हुआ: राजेन्द्र अग्रवाल

85 एनसीआर पीबी बना था। तब कनेक्टिविटी की बात हुई थी लेकिन हुआ कुछ नहीं। भाग्योदय तब हुआ जब मोदी सरकार बनी और गडकरी के पास राजमार्ग मंत्रालय आया। पहले 2.50 घंटे दिल्ली से मेरठ पहुंचने में लगते थे। मेरठ और हापुड़ से कहीं भी जाने के लिए हाईवे दिए। इससे अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी। गडकरी जी किसी परियोजना के प्रस्ताव को न नहीं कहते। पांचवें चरण का काम जल्द शुरू होगा। 31 दिसंबर 2015 में शिलान्यास हुआ था लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। जब योगी आए तब काम शुरू हुआ। आज सोतीगंज के कलंक से मेरठ को मुक्ति मिली। मांग रखी कि गंगा एक्सप्रेस वे को दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाए।

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मेरठ ने उन्हें खदेड़ा जो पूरे देश पर राज करते थे: केशव प्रसाद मौर्य

ऐसी क्रांति धरा को प्रणाम। 2014 और 2017 याद कीजिए। 2014 में कमल नहीं खिलाया होता तो देश बर्बाद हो गया होता। 2017 में कमल नहीं खिलाया होता तो प्रदेश बर्बाद हो गया होता। सपा, बसपा अन्य के गठबंधन के बाद भी भाजपा की लहर चली। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे की कभी कल्पना नहीं की होगी। 300 से अधिक सीट जीतकर भाजपा सरकार बनाने जा रही है। जब सपा को सरकार का मौका मिला तब काम नहीं किया। अब जब विपक्ष में हैं तब भी उसका दायित्व नहीं निभाया।

100 में 60 हमारा। बाकी में बंटवारा। बटवारे में भी हमारा।

अखिलेश सुन लें 25 साल तक उन्हें मौका नहीं मिलने वाला।

मुजफ्फरनगर में दंगे के कारण अखिलेश थे। विरोधियों के पास भाजपा के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है। 2012 से 2017 तक रहे लेकिन किसी पिछड़े को उपमुख्यमंत्री ही बना देते। अखिलेश मुलायम सिंह सल्तनत के आखिरी मुख्यमंत्री थे।

नितिन गडकरी नवयुग के दृष्टा हैं: सत्यपाल सिंह

मुझे पार्टी में लाने वाले नितिन गडकरी थे। उन्होंने ही डोरे डाले थे। बागपत में गड्डों में सड़क थी। गडकरी ने दिल्ली सहारनपुर रोड को बनवाया। तीन साल तक अखिलेश सरकार ने लटकाए रखा उसके लिए एनओसी नहीं दी कि भारत सरकार बनवाए। लेकिन जब योगी मुख्यमंत्री बने तब एनओसी मिली। 2019 का चुनाव शायद न जीतता तब तक सड़क न बन जाती। जहां रास्ते नहीं वहां रिश्ते नहीं। बागपत के गांवों में 50 युवा इसलिए बिना शादी के थे क्योंकि सड़क नहीं थी।

आज मेरठ केंद्र बिंदु बन गया है: वीके सिंह

पहले किसी को कल्पना भी नहीं थी कि पश्चिम उप्र की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। आज मेरठ केंद्र बिंदु बन गया है। कांवड़ मार्ग को चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखा गया।

कलियुग के विश्वकर्मा हैं नितिन गडकरी: विनीत शारदा

ये अखिलेश नहीं नटवरलाल हैं। प्रियंका गांधी बबली हैं। सपा, बसपा, रालोद रावण की सेना है। तय कर लीजिए बंटी और बबली चाहिए या योगी आदित्यनाथ। चाचा भतीजे नौकरी के लिए पैसे मांगते थे। राम के रूप में मोदी, हनुमान के रूप में अमित शाह और लक्ष्मण के रूप में योगी हैं।