राकेश टिकैत ने फिर किया एक पोस्टर जारी, जानें क्या है इसकी खासियत

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अब एक नया पोस्टर जारी किया है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अब एक नया पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में उन्होंने किसानों की घर वापसी का संदेश दिया है। इसी पोस्टर में गाजीपुर बार्डर से प्रस्थान का पूरा रूट दिया गया है।
नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अब एक नया पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में उन्होंने किसानों की घर वापसी का संदेश दिया है। इसी पोस्टर में गाजीपुर बार्डर से प्रस्थान का पूरा रूट दिया गया है। टिकैत ने अपने इस पोस्टर में ये भी लिखा है कि वो यूपी गेट से किस समय से किसानों के काफिले के साथ घर वापसी के लिए प्रस्थान करेंगे।पोस्टर में लिखा गया है कि 15 दिसंबर गाजीपुर बार्डर से किसान सुबह 9 बजे प्रस्थान करेंगे। किसानों का काफिला सुबह 9 बजे निकलकर मोदीनगर, मेरठ, खतौली, मंसूदपुर, सौरम चौपाल उसके बाद किसान भवन सिसौली पहुंचकर समाप्त हो जाएगा। मालूम हो कि एक साल से अधिक समय से किसान दिल्ली की सीमाओं पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे थे। केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून खत्म कर दिए उसके बाद किसानों की बाकी मांगों पर भी सहमति बन गई, तब किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म करना तय किया। बीते तीन दिनों से दिल्ली की सीमाओं से किसानों की वापसी हो रही है। कुछ बार्डरों से किसान अपना सामान समेटकर वापस जा चुके हैं मगर कुछ बार्डरों पर अभी भी उनका सामान रखा हुआ है और टेंट लगे हुए हैं। इनको भी खाली किया जाना है।

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इसी बीच राकेश टिकैत ने अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट ट्विटर से एक पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में बकायदा घर वापसी का ऐलान किया गया है, साथ ही रूट भी बताया गया है। पोस्टर में लिखा गया है कि किसान 15 दिसंबर की सुबह 9 बजे से वाया मोदीनगर मेरठ होते हुए अपने-अपने घर वापसी करेंगे। उनकी ये घर वापसी किसान भवन सिसौली पर पहुंचकर समाप्त होगी उसके बाद किसान अन्य जगहों के लिए चले जाएंगे।वैसे इससे पहले काफी संख्या में हरियाणा और पंजाब के किसान अपना सामान बांधकर यूपी गेट से वापस जा चुके हैं। अब बहुत ही कम संख्या में किसान यहां रह गए हैं। इनके भी मंगलवार और बुधवार की शाम तक यहां से चले जाने की उम्मीद है बाकी मोदीनगर, मेरठ और अन्य जगहों के किसान राकेश टिकैत के साथ एक जुलूस की तरह यहां से वापसी करेंगे।